Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना से अपने गुट के अलग होने के दिन को याद करते हुए चुटकी ली है। उन्होंने कहा कि 21 तारीख को ही हमने बड़ा योग किया था, वो मैराथन योग था। उस योग की शुरुआत मुंबई से हुई और उसकी वजह से 21 जून को महाराष्ट्र में बहुत बदलाव आया है, हम यहां विकास देख रहे हैं।

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, ‘मुझे अभी आप ही ने बताया कि उस दिन 21 तारीख ही थी। 21 तारीख को हमने बड़ा योग किया था। वो मैराथन योगा था। ये मुंबई से शुरू हुआ और 21 तारीख की वजह से आज महाराष्ट्र में परिवर्तन भी हुआ। मुंबई डेवलेप हो रही है। आज यहां पर जो योग हो रहा है। यहां पर ऐसी जगह थी क्या। पूरे राज्य में बहुत बड़े पैमाने पर डेवलेपमेंट हो रहा है। ये लोगों और आम लोगों की सरकार है। हमारी सरकार ने बहुत काम किया है। इस बार भी देवेंद्र और हम राज्य को आगे बढ़ाएंगे। हालांकि, पीएम मोदी साथ में है और डबल इंजन की सरकार है। अमित भाई भी इस राज्य को जहां-जहां जरूरत पड़ती है तो वहां-वहां मदद करते हैं।’

#WATCH | Mumbai | Maharashtra Deputy CM & Shive Sena chief Eknath Shinde says, “’21 taarikh ko hi humne bada Yoga kiya tha (splitting of Shiv Sena into two factions), wo marathon Yoga tha’. That Yoga began in Mumbai, and because of that, on June 21, Maharashtra has changed a lot;… pic.twitter.com/aFgyckEB6q

मूल रूप से बाल ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना में जून 2022 में विभाजन हुआ जब एकनाथ शिंदे ने विद्रोह का नेतृत्व किया। इसके कारण उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार गिर गई। तब से दोनों गुटों में टकराव जारी है।

एकनाथ शिंदे को लेकर बीजेपी नेता ने क्यों दिया ये बयान?

शिंदे ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भी शुभकामनाएं दीं और दुनिया भर में योग को बढ़ावा देने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। शिंदे ने कहा, “मैं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सभी को बधाई देता हूं। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों के कारण संयुक्त राष्ट्र ने इसे मान्यता दी है, इसलिए दुनिया इस दिवस को मनाती है। प्रधानमंत्री मोदी खुद हर दिन योग करते हैं, इसलिए वह स्वस्थ और फिट हैं। यही कारण है कि वह हमारे देश और इसकी अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान को भी सबक सिखाया।’ महायुति में क्या अकेले पड़ रहे शिंदे?