Iran-Israel War News LIVE Updates: ईरान-इजरायल के युद्ध में अमेरिका के कूदने के बाद जंग के बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। बताना होगा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु स्थलों, फोर्डो, नतांज और एस्फ़हान पर हमला किया है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईरान क्या पलटवार करेगा? ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका को इस जंग में दखल नहीं देना चाहिए। उन्होंने चेताया था कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो इसके गंभीर नतीजे होंगे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी अमेरिका से इस जंग में न आने की बात कही थी।

अमेरिका ने कहा था कि अयातुल्लाह अली खामेनेई को बिना शर्त सरेंडर करना होगा लेकिन खामेनेई ने इससे इनकार किया था।

इजरायल का लगातार यही कहना है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम उसके अस्तित्व के लिए खतरा है। 13 जून को जब उसने ईरान पर हमला किया तो उसका कहना था कि यह इस्लामिक मुल्क परमाणु हथियार बनाने से बस एक कदम दूर है। इजरायल का साफ कहना है कि वह ईरान को ऐसे परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा जो न सिर्फ उसके लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा हों।

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ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले को लेकर रक्षा विशेषज्ञ प्रफुल्ल बख्शी ने कहा, “भारत के लिए यह अधिक सतर्क रहने का समय है। ईरान और इजरायल दोनों हमारे मित्र हैं… इजरायल के साथ हमारा भावनात्मक संबंध है।”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मैं इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को धन्यवाद देना चाहता हूं और बधाई देना चाहता हूं, हमने एक टीम के रूप में काम किया, हम इजरायल के लिए बड़े खतरे को मिटाने की दिशा में बहुत आगे बढ़ गए हैं, मैं इजरायल की सेना को उनके द्वारा किए गए शानदार काम के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं…अगर जल्दी शांति नहीं होती है, तो हम सटीकता, गति और पैमाने के साथ अन्य टारगेट पर हमले करेंगे।”

इजरायल-ईरान की जंग के बीच IDF ने ईरान के F-14 लड़ाकू विमानों पर हमला किया।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ट्वीट किया, “मैं ईरान के खिलाफ अमेरिका द्वारा किए गए हमले से बहुत चिंतित हूं। यह पहले से ही संकटग्रस्त क्षेत्र में खतरनाक बढ़ोतरी है और अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है।”

ट्रंप ने ईरान को अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई को लेकर चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास ‘शांति या तबाही’ में से एक को चुनने का विकल्प है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “ईरान को अब शांति स्थापित करनी चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं करता है, तो भविष्य में हमले कहीं अधिक बड़े होंगे…वे हमारे लोगों को मार रहे हैं, उनके जनरल कासिम सुलेमानी ने बहुत से लोगों को मार डाला। मैंने बहुत पहले ही तय कर लिया था कि मैं ऐसा नहीं होने दूंगा। यह जारी नहीं रहेगा।”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हमारा मकसद ईरान की nuclear enrichment capacity को नष्ट करना और दुनिया के नंबर एक आतंकवाद प्रायोजक देश द्वारा पैदा किए जा रहे परमाणु खतरे को रोकना था। ईरान की प्रमुख nuclear enrichment facilities को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।”

ईरान की Islamic Consultative Assembly के अध्यक्ष के सलाहकार महदी मोहम्मदी ने कहा कि घटनास्थल को पहले ही खाली करा लिया गया था, कोई बहुत बड़े नुकसान की खबर नहीं है।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने कहा था कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो इसके गंभीर नतीजे होंगे। यही बात ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कही थी। माना जा रहा है कि ईरान पलटवार कर सकता है।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, “हमने ईरान में तीन परमाणु ठिकानों पर हमला किया है, जिसमें फोर्डो, नतांज़ और इस्फहान शामिल हैं। सभी विमान अब ईरान के एयरस्पेस से बाहर हैं। फोर्डो पर बमों का पूरा पेलोड गिराया गया।”