एक हेल्दी इंसान को दिन भर में 1 से 2 लीटर (1000–2000 मि.ली.) यूरिन डिस्चार्ज होता है। अगर आप रोज़ाना लगभग 2 से 3 लीटर पानी या लिक्विड फूड का सेवन करते हैं तो यूरिन की मात्रा कुछ ज्यादा भी हो सकती है। नॉर्मल इंसान को दिन में 4-8 बार पेशाब आ सकता है जिसे नॉर्मल माना जाता है। रात में एक बार पेशाब आना भी नॉर्मल है, लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें दिन में 7-8 बार से ज्यादा पेशाब आता है और बार-बार आता है। अगर किसी शख्स को दिन में 2.5 लीटर से अधिक यूरिन डिस्चार्ज होता है तो यह polyuria कहलाता है जो किसी बीमारी का संकेत हो सकता है।
बार-बार यूरिन डिस्चार्ज होने के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर विनोद शर्मा ने बताया बार-बार अगर आपको पेशाब आता है तो आप सबसे पहले यूरिन की जांच कराएं। जांच में अगर किसी तरह का कोई इंफेक्शन या बीमारी आती है तो आप तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। यूरीन के बार-बार डिस्चार्ज होने की डॉक्टर ने कुछ वजह बताई है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि बार-बार यूरिन डिस्चार्ज होने का कारण क्या है और इससे बचाव के लिए क्या करें।
बार-बार पेशाब आता है तो उसके लिए UTI यानी यूरीन ट्रैक का इंफेक्शन जिम्मेदार है। UTI संक्रमण के कारण पेशाब बार-बार और जलन के साथ आता है। ये संक्रमण पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा होता है। UTI तब होता है जब E. coli बैक्टीरिया मूत्र मार्ग में प्रवेश करके संक्रमण पैदा करते हैं। यह संक्रमण ब्लैडर, मूत्र नली और किडनी तक पहुंच सकता है।
प्रेग्नेंट महिलाओं को प्रेग्नेंसी में यूरिन ज्यादा डिस्चार्ज होता है। प्रेग्नेंसी के शुरुआती हफ्तों में हार्मोन hCG (human chorionic gonadotropin) का स्तर बढ़ता है, जिससे ब्लड फ्लो किडनी में बढ़ जाता है और यूरिन का उत्पादन ज़्यादा होता है। जैसे-जैसे बच्चा बढ़ता है वैसे-वैसे bladder पर दबाव पड़ता है जिससे पेशाब बार-बार आता है।
ओवरएक्टिव ब्लैडर की वजह से बार-बार पेशाब करने की इच्छा होती है और पेशाब पर कंट्रोल नहीं रहता। अगर यूरीनरी ब्लैडर में थोड़ा सा भी यूरीन आ जाता है तो उसके मसल्स फौरन कॉन्टैक्ट करना शुरु कर देते हैं जिससे यूरीन डिस्चार्ज करने की इच्छा होती है।
प्रोस्टेट ग्लैंड के बढ़ जाने की वजह से भी बार-बार यूरीन डिस्चार्ज होता है। ये बीमारी पुरुषों में बार-बार यूरिन डिस्चार्ज होने का कारण है। प्रोस्टेट ग्रंथि ब्लैडर के ठीक नीचे होती है और पेशाब की नली (urethra) को घेरती है।
जब शरीर में ब्लड शुगर लेवल बहुत ज्यादा होता है तो किडनियां उसे फ़िल्टर करके पेशाब के रास्ते बाहर निकालने लगती हैं। ब्लड में शुगर का हाई स्तर होने से न सिर्फ पेशाब ज्यादा आता है बल्कि प्यास भी ज्यादा लगती है।
किडनी में स्टोन होने पर यूरिन ज्यादा डिस्चार्ज होता है। पथरी जब किडनी या ब्लैडर में फंसती है तो यह मूत्र प्रवाह को प्रभावित करती है और पेशाब के लक्षण पैदा कर सकती है।
कुछ दवाइयां पेशाब बढ़ाने वाली होती है जिसे डाइयूरेटिक्स कहा जाता है। इन दवाओं का सेवन करने से पेशाब बार-बार आता है। बीयर,कॉफी और चाय का सेवन करने से पेशाब ज्यादा आता है।
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