प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों इंडोनेशिया की यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। वहां पीएम ने कहा कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति भारत के असली दोस्त हैं। वहीं, दूसरी ओर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने कहा कि मेरे भीतर भारतीय डीएनए है।

जकार्ता में एक सामुदायिक कार्यक्रम में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने कहा, “भारत की यात्रा से ठीक पहले मैंने जीनोम सीक्वेंसिंग टेस्ट करवाया था। मैंने अपने डीएनए की जांच करवाई और मुझे पता चला कि मेरे डीएनए में भारतीय अंश है। इसलिए मुझे लगता है कि जब भी मैं कोई संगीत सुनता हूं, खासकर भारतीय संगीत तो मेरा शरीर अपने आप हिलने लगता है।”

#WATCH | Indonesia: At a community event in Jakarta, President of Indonesia Prabowo Subianto says, “… Just before I made my state visit to India, I had a what is called a genome sequencing test. I tested my DNA and I found out I had Indian DNA. And that’s why I think every… pic.twitter.com/CRT0WqjImD

वहीं, राष्ट्रपति सुबियांतो की इस टिप्पणी पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह डीएनए पारस्परिक विश्वास और साझा इतिहास से बना है।” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें सम्मान से नवाजा जाना भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरी दोस्ती का एक और प्रतीक है। जकार्ता में सामुदायिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत और इंडोनेशिया न केवल दिल से करीब हैं बल्कि भौगोलिक रूप से भी पड़ोसी हैं। भारत के ग्रेट निकोबार द्वीप और इंडोनेशिया के आचे के बीच की दूरी लगभग 150 किलोमीटर है। जरा सोचिए, इंडोनेशिया का एक क्षेत्र भारत के कुछ राज्यों की तुलना में भारत के एक द्वीप के ज्यादा करीब है।”

कार्यक्रम में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो ने कहा, “किसी भी राजनीतिक नेता के लिए खतरा यह है कि अगर उसे मंच और माइक दे दिया जाए तो वह पद छोड़ना नहीं चाहता। प्राबोवो सुबियांतो ने कहा, “मैं भारत की घरेलू राजनीति में शामिल नहीं होना चाहता। मैं सभी भारतीयों का मित्र हूं लेकिन मैं एक बात स्वीकार करता हूं और मेरे करीबी सहयोगी और सहकर्मी इसकी गवाही देंगे कि मैं नरेंद्र मोदी जी का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। मैं पेशेवर राजनीतिज्ञ नहीं हूं। इसका प्रमाण यह है कि मैंने पांच आम चुनावों में भाग लिया और चार बार हारा।”

सुबियांतो ने आगे कहा, “राष्ट्रपति बनने से पहले भी मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों का अध्ययन किया था और चूंकि कॉपीराइट का कोई अधिकार नहीं है इसलिए मैंने उनकी कई नीतियों की नकल की। ​​लेकिन, प्रधानमंत्री मोदी ने कृपापूर्वक मुझे उनकी नीतियों की नकल करने की अनुमति दी इसलिए मुझ पर किसी भी अदालत में मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।” उन्होंने यह भी कहा, “इंडोनेशियाई लोगों को भारत के अनुभव से सीखना चाहिए। हमारी सभ्यता, हमारी संस्कृति भारतीय सभ्यता से बहुत प्रभावित है। हमारी भाषा लगभग 50% संस्कृत से ली गई है। हमारे कई नाम संस्कृत नाम हैं। इसलिए, यह निकटता है और हम और अधिक घनिष्ठ सहयोग का स्वागत करते हैं।”

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को घोषणा की कि वे इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के साथ मिलकर योग्याकार्ता में 1000 साल पुराने प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण प्रोजेक्ट की शुरुआत करेंगे। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें