Tamil Nadu News: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने रविवार को कहा कि राज्य संसदीय सीटों में संभावित कमी की स्थिति का सामना कर रहा है, क्योंकि राज्य में सरकार ने परिवार नियोजन की नीति लागू कर रखी है, जिसके चलते राज्य की जनसंख्या देश के कई राज्यों से कम है। उसने परिवार नियोजन कार्यक्रम लागू किया है।
ऐसा नहीं है कि सीएम स्टालिन ने इस तरह का बयान पहली बार दिया है, बल्कि इससे पहले भी कहा था कि लोकसभा परिसीमन की कवायद लोगों को 16 बच्चों के पालन-पोषण के बारे में सोचने पर मजबूर कर सकती है, उन्होंने 16 प्रकार की संपत्ति से संबंधित एक तमिल कहावत का हवाला दिया था।
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दरअसल, रविवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र कोलाथुर एक वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी के विवाह समारोह में स्टालिन ने नवविवाहितों से अपने बच्चों को उचित तमिल नाम रखने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन अभियान बच्चों की संख्या पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक सुनियोजित परिवार की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि हमने इसका लगातार उचित तरीके से पालन किया, इसलिए परिसीमन प्रक्रिया के तहत संसदीय सीटों की संख्या कम करने की स्थिति उत्पन्न हुई है। बता दें कि तमिलनाडु में लोकसभा की 39 सीटें है। ऐसे में परिसीमन के बाद उसकी लोकसभा सीटों की संख्या में कमी आ सकती है, जिसके चलते राज्य के नेता इसका काफी विरोध भी कर रहे हैं।
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गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर में स्टालिन ने परिसीमन अभ्यास के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए अपने राज्य के लोगों से अधिक बच्चे पैदा करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा था कि इन दिनों, हम किसी से यह नहीं चाहते कि उसे जीवन में 16 तरह की संपत्ति मिले।
स्टालिन ने कहा था कि हम लोगों को केवल छोटे परिवार के साथ खुशी से रहने का आशीर्वाद देते हैं, लेकिन जब हमें संसद की सीटों की संख्या में कमी जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ता है, तो हमें यह सोचने पर मजबूर होना पड़ता है कि हमें छोटे परिवार क्यों रखने चाहिए? तमिलनाडु से जुड़ी अन्य सभी खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
