Blog: भारत को दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनाने की चाह, तरक्की के कोलाहल में सुस्त रफ्तार
असली बात तो यह है कि चाहे विकास दर सबसे ऊंची रहे, आम आदमी का हाल क्या है? भारत में औसत प्रति व्यक्ति आय को देखते हैं तो यह दुनिया को छोड़िए, एशिया के पिछड़े हुए देशों के समकक्ष आ जाती है। पढ़ें सुरेश सेठ का आर्टिकल-









