टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (Tata Advanced Systems Limited) अब राफेल लड़ाकू विमानों में इस्तेमाल होने वाले एक अहम उपकरण का निर्माण करेगी। कंपनी ने गुरुवार को भारत और अन्य ग्लोबल मार्केट के लिए राफेल लड़ाकू विमान के धड़ (Fuselage) का निर्माण करने के लिए डसॉल्ट एविएशन के साथ अपनी डील का ऐलान किया है।

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टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को बढ़ावा देने के लिए भारत और अन्य वैश्विक बाजारों के लिए राफेल लड़ाकू विमान के ढांचे के निर्माण के लिए डसॉल्ट एविएशन के साथ चार उत्पादन हस्तांतरण समझौतों (production transfer agreements) पर हस्ताक्षर किए हैं।

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यह देश की एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने और ग्लोबल सप्लाई चेन को सपोर्ट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इस पार्टनरशिप में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स हैदराबाद में राफेल के प्रमुख स्ट्रक्चर सेक्शन के निर्माण के लिए एक अत्याधुनिक प्रोडक्शन फैसिलिटी स्थापित करेगा। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने डसॉल्ट एविएशन के साथ़ अपनी डील की जानकारी एक्स अकाउंट की जरिए दी है।

डसॉल्ट एविएशन के चेयरमैन और सीईओ एरिक ट्रैपियर ने कहा कि हमारे लोकल पार्टनर के विस्तार के लिए धन्यवाद, जिसमें भारतीय एयरोस्पेस इंडस्ट्री में मेजर प्लेयर में से एक TASL (टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड) भी शामिल है, यह सप्लाई चैन राफेल के सफल रैंप-अप में योगदान देगी।

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इस पार्टनरशिर को भारत की एयरोस्पेस यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए, टीएएसएल के सीईओ और एमडी सुकरन सिंह ने कहा कि यह भारत द्वारा एक आधुनिक, मजबूत एयरोस्पेस मैनुफेक्चरिंग इकोसिस्टम स्थापित करने में की गई प्रोग्रेस को दर्शाता है जो ग्लोबल प्लेटफार्मों का सपोर्ट कर सकता है।

सिंह ने कहा कि भारत में संपूर्ण राफेल विमान का निर्माण टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स की क्षमताओं में बढ़ते विश्वास और डसॉल्ट एविएशन के साथ हमारे सहयोग की ताकत को दर्शाता है। यह कॉरपोरेट डील भारत और फ्रांस के बीच नौसेना के लिए राफेल-एम नामक 26 मरीन वेरिएंट के राफेल विमान खरीदने के लिए अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर करने के एक महीने बाद हुई है। भारत 22 सिंगल-सीटर और 4 ट्विन-सीटर विमान खरीदेगा।