खाने में स्वाद चाहिए तो नमक बहुत जरूरी है, इसके बिना कोई स्वाद ही नहीं, लेकिन ज्यादा सोडियम वाले नमक का उपयोग हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकता है। इसको लेकर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) की एक रिपोर्ट ने सभी को चिंता में डाल दिया है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, नमक ज्यादा खाने से हर साल करीब 19 लाख लोगों की मौत होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है। ज्यादा नमक खाने से हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी डिजीज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, औसत व्यक्ति प्रतिदिन नॉर्मल मात्रा से दोगुना से भी ज्यादा नमक खाता है? डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी देते हुए दुनिया भर के लोगों से प्रतिदिन दो ग्राम से भी कम नमक खाने का आग्रह किया है, जो पहले 5 ग्राम प्रतिदिन की मात्रा थी। ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ गवर्नमेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की नेशनल कोऑर्डिनेटर डॉ. किरण मधाला ने बताया कि ब्लड प्रेशर और हार्ट संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए, डब्ल्यूएचओ ने सोडियम का सेवन 2 ग्राम/दिन से कम करने की सिफारिश की है। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ द्वारा दी गई सलाह बहुत लाभकारी है, क्योंकि भारत में प्रति व्यक्ति एक दिन में करीब 9.8 ग्राम नमक का रहा है, इससे लोग कई बीमारियों के शिकार हो रहे हैं और हर साल लाखों की संख्या में लोगों की जान जा रही है।
WHO की गाइडलाइन के मुताबिक, रोजाना 5 ग्राम यानी 1 चम्मच से कम नमक खाना चाहिए, लेकिन ज्यादातर लोग इससे दोगुना या तीन गुना ज्यादा नमक खाते हैं, इससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है और लोगों की जान तक जा रही है। ऐसे में अब WHO ने एक दिन में 2 ग्राम से कम नमक खाने की सलाह दी है।
ज्यादा नमक का सेवन करने से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। ज्यादा नमक से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ता है और ब्लड प्रेशर बढ़ने से सीधा असर दिल से होता है और हार्ट अटैक का खतरा अधिक बढ़ जाता है।
नमक ज्यादा खाने से धमनियां सख्त हो जाती हैं, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है। ऐसे में ध्यान रखें की खाने में नियमित मात्रा में ही नमक का सेवन करना चाहिए। ताकि दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो जाए।
सीमित मात्रा से ज्यादा नमक खाने से किडनी पर दबाव बढ़ता है और किडनी शरीर एक अहम अंगों में से एक है। ये शरीर में फिल्टर का काम करती है और टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करती है। नमक से किडनी पर प्रेशर बढ़ता है, जिससे किडनी फेल्योर का खतरा बढ़ सकता है।
WHO ने हाल ही में नई गाइडलाइन्स जारी की, जिसमें साधारण नमक की जगह कम सोडियम वाले नमक का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इसके लिए पोटैशियम वाला नमक एक अच्छा ऑप्शन है। इसमें सोडियम क्लोराइड की जगह कुछ पोटैशियम क्लोराइड होता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर का खतरा कम होता है। कई लोग ज्यादा सोडियम और कम पोटैशियम खाते हैं। ऐसे में पोटैशियम युक्त नमक दिल की बीमारी, स्ट्रोक और अकाल मृत्यु के खतरे को कम कर सकता है।
पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PHFI) के प्रमुख हार्ट रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर के श्रीनाथ रेड्डी का कहना है कि हाई सोडियम से हाई ब्लड प्रेशर के जोखिम से जुड़ी हुई है, जिससे दिल के दौरे, स्ट्रोक, कंजेस्टिव हार्ट फेलियर और किडनी की समस्या का खतरा बढ़ जाता है। प्रोफेसर रेड्डी ने कहा, “खाना बनाते या खाते समय नमक की मात्रा कम करना मददगार होता है।
WHO की गाइडलाइन के मुताबिक, लो सोडियम सॉल्ट सब्सटीट्यूट (LSSS) नमक का अच्छा विकल्प है, इनमें नॉर्मल नमक की तुलना में कम सोडियम होता है और पोटैशियम क्लोराइड होता है, जो सामान्य नमक जैसा स्वाद देता है।
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