देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश हो रही है। वहीं, बारिश जब आती है, तो अपने साथ हरियाली लेकर आती है। इस मौसम में पेड़-पौधे काफी हरे-भरे हो जाते हैं और उनमें फूल भी खिलने लगते हैं। हालांकि, इस मौसम में भी गुड़हल सहित कई ऐसे पौधे हैं, जिनकी ग्रोथ रुक जाती है।

अगर आपके घर में गुड़हल का फूल लगा हुआ है और इसमें फूल नहीं आ रहा है, तो इसमें सरसों की खली डाल सकते हैं। दरअसल, बरसात के मौसम में गुड़हल के पौधे में सरसों की खली डालना बेहद फायदेमंद होता है। सरसों की खली को गुड़हल के पौधे में डालने से इसे भरपूर पोषण मिल जाता है। इसमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पौधों के लिए बेहतर होते हैं। इसे डालने से पौधों पर अधिक संख्या में फूल भी खिलने लगते हैं।

पौधों में सरसों की खली डालने से पहले इसे पानी में भिगो दें। अब आप इसे 2-3 दिन तक सड़ने के लिए छोड़ दें। जब यह अच्छी तरह से गल जाए, तो इस घोल को गुड़हल के पौधे की जड़ों में डालें। आप इस मिश्रण को हर 15 दिन में पौधों में डाल सकते हैं। हालांकि, पौधों में खली को डालने से पहले आपको इसकी मात्रा का ध्यान रखना चाहिए। अगर अधिक मात्रा में इसे डालेंगे, तो पौधा खराब हो सकता है।

बरसात के मौसम में पौधों की देखभाल करना काफी मुश्किल होता है। कई बार खराब देखभाल की वजह से पौधों की जड़ें सड़ने लगती हैं। ऐसे में इसे बचाने के लिए पौधों में पानी जमा न होने दें। मिट्टी में कोकोपीट, रेत और गोबर खाद के मिश्रण का उपयोग करें। वहीं, पत्तियों को फंगस से बचाने के लिए आप नीम ऑयल स्प्रे का भी उपयोग कर सकते हैं।