Jharkhand Men Stranded in UAE: झारखंड के 15 मजदूर UAE के अबू धाबी में फंस गए हैं। ये लोग यहां काम करने गए थे लेकिन पिछले कुछ महीनों से इनके लिए हालात बेहद खराब हो गए हैं। जिस कंपनी में ये काम करते हैं उन्होंने 3 महीने से इन्हें सैलरी नहीं दी। इन सभी लोगों को ट्रांसमिशन लाइन बिछाने के लिए ले जाया गया था।

हालात इस कदर खराब हैं कि इन लोगों के पास किराया और बिजली का बिल देने और यहां तक कि खाना खाने के भी पैसे नहीं बचे हैं। ये सभी लोग झारखंड के हजारीबाग और गिरिडीह जिले के रहने वाले हैं। इन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें उनके परिवार के पास वापस लाने में मदद की जाए।

आज की ताजा खबर, हिंदी न्यूज 27 जून 2025, Aaj Ki Taaja Khabar LIVE

ये सभी मजदूर जनवरी, 2024 में अबू धाबी गए थे। इन लोगों में से एक चारुमान ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘काम पर रखते समय ठेकेदार ने कहा था कि उनकी कंपनी 10 साल से ज्यादा वक्त से वहां काम कर रही है और भरोसेमंद है।’ चारुमान बताते हैं कि पिछले 3 महीने से उन लोगों को सैलरी नहीं मिली है। मकान मालिक ने उनका पानी का कनेक्शन काट दिया है और उन्हें घर से बाहर निकालने की धमकी दी है।

बिष्णुगढ़ के 28 साल के अर्जुन महतो कहते हैं, ‘यही एक काम है जिसे हम जानते हैं। लेकिन पिछले तीन महीने बेहद मुश्किल भरे रहे हैं। कभी-कभी, ठेकेदार हमें 600 रुपये देता था और इसे आठ लोगों में बांटने को कहता था।’

40 साल के विष्णु महतो कहते हैं कि उनके घर वाले बेहद परेशान हैं और उनके वापस लौटने का इंतजार कर रहे हैं। बेहद खराब हाल से गुजर रहे इन मजदूरों ने प्रवासी अधिकारों के लिए काम करने वाले सिकंदर अली से संपर्क किया। अली का कहना है कि वह लगातार अधिकारियों के संपर्क में बने हुए हैं।

झारखंड के राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष (एसएमसीआर) की प्रमुख शिखा लाकड़ा ने बताया कि विदेश मंत्रालय और दुबई स्थित भारतीय दूतावास के साथ समन्वय करके मजदूरों को सुरक्षित वापस लाने के लिए काम चल रहा है।

कथावाचक मुकुट मणि को लेकर पूरा विवाद क्या है? इटावा में पुलिस पर क्यों हुआ हमला

तमाम मुश्किलों से गुजरने के बाद भी ये प्रवासी मजदूर कहते हैं कि वे विदेश में काम की तलाश करते रहेंगे क्योंकि उन्हें विदेशी कंपनियां अच्छे पैसे देती हैं, इससे कुछ पैसे बचा पाते हैं और घर भी भेज पाते हैं।

यह भी पढ़ें- अधूरे प्लानिंग की कीमत, ओवरब्रिज का डिजाइन ही बना संकट; CM बोले- होगी सख्त कार्रवाई