प्रयागराज में महाकुंभ अपने चरम पर है, और लाखों श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान के लिए उमड़ रहे हैं। लेकिन इस भारी भीड़ ने प्रयागराज, वाराणसी और अयोध्या की यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। ट्रैफिक जाम के कारण सड़कों पर वाहन रेंग रहे हैं, रेलवे स्टेशनों पर जबरदस्त भीड़ है, और हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। वाराणसी, अयोध्या, मिर्जापुर, रीवा, कानपुर, लखनऊ रोड पर 20 से 50 किमी तक लंबा जाम लगा हुआ है। इनको देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ खुद हालात पर नजर रख रहे हैं। महाकुंभ में जाम की वजह से यूपी के पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश और बिहार में भी यातायात हालात खराब हो गए हैं। सीएम योगी अफसरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि महाकुंभ में आए हुए सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित वापसी के लिए व्यवस्था दुरुस्त रखें।

इसको देखते हुए यूपी सरकार और महाकुंभ प्रशासन ने इमरजेंसी ट्रैफिक प्लान लागू किया है, जिससे यातायात व्यवस्था को संभाला जा सके और श्रद्धालुओं को कम से कम परेशानी हो।

यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए सरकार ने प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर और अयोध्या में कई जगह स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु यातायात के लिए प्रयागराज के 10 किलोमीटर के दायरे को नो व्हीकल जोन घोषित किया गया है।

महाकुंभ में उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कई बदलाव किए हैं।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह फैसला यातायात नियंत्रण के लिए लिया गया है और बाकी सभी स्टेशनों से ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से जारी रहेगा।

यूपी सरकार ने ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण के लिए टेक्नोलॉजी का सहारा लिया है।

महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया पर कई फर्जी खबरें फैल रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति बन रही है।

यूपी सरकार और प्रशासन का दावा है कि इमरजेंसी ट्रैफिक प्लान लागू करने के बाद जाम की स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है।

महाकुंभ में अब तक 43.57 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।

महाकुंभ में उमड़ी अभूतपूर्व भीड़ को देखते हुए यूपी सरकार ने यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती बढ़ा दी है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से 3 आईएएस और 25 पीसीएस अधिकारियों को प्रयागराज बुलाया गया है, ताकि कुंभ नगर में सुचारु प्रबंधन किया जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सोमवार को यह आदेश जारी किया, जिसके तहत सभी अधिकारियों को तत्काल ड्यूटी जॉइन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान लाखों श्रद्धालु हर दिन संगम पहुंच रहे हैं, जिससे सड़कें जाम हो गई हैं और अव्यवस्था की स्थिति बन रही है।

यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि महाकुंभ 2025 अब तक के सबसे बड़े तीर्थ समागम का गवाह बन रहा है, जिसमें 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इतनी विशाल भीड़ और यातायात प्रवाह को संभालना प्रशासन और पुलिस बल के लिए ऐतिहासिक चुनौती है, लेकिन यूपी पुलिस पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने पुलिस बल के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि अनुशासन और कर्तव्यपरायणता का मिसाल बन रहा है। सोशल मीडिया पर यातायात अव्यवस्था को लेकर आलोचना हो रही है, लेकिन पुलिस और प्रशासन के अथक प्रयासों से यातायात फिर से सामान्य हो रहा है, जिससे शहर व्यवस्थित रूप से संचालित हो रहा है।