Kaal Sarp Dosh in kundli: ज्योतिष शास्त्र में कालसर्प दोष को बेहद अशुभ माना गया है। कहा जाता है कि अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में यह दोष बन जाए तो उसके जीवन में बार-बार बाधाएं आती हैं। इसके साथ ही, उसके जीवन में आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और पारिवारिक झगड़े जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। ऐसे में समय रहते कालसर्प दोष की पूजा पूरे विधि विधान के साथ करना बेहद जरूरी है। तो चलिए जानते हैं कालसर्प दोष क्या होता है, इसके लक्षण क्या हैं, इससे बचने के उपाय और पूजा विधि।
ज्योतिष के अनुसार जब व्यक्ति की कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच फंस जाते हैं, तब इसे कालसर्प दोष कहा जाता है। राहु और केतु छाया ग्रह होते हैं और जब इनके बीच अन्य ग्रह आ जाते हैं तो यह योग बनता है, जिससे व्यक्ति के जीवन में बार-बार अड़चनें आती हैं।
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