Ind vs Eng: इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मैच में साई सुदर्शन को डेब्यू करने का मौका दिया गया। साई ने अपने डेब्यू मैच में निराश किया और उनकी खराब बल्लेबाजी का असर टीम पर भी पड़ा। अब दूसरे टेस्ट मैच से ठीक पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर दीप दासगुप्ता का मानना है कि भारतीय टीम प्रबंधन को तीसरे नंबर पर साई की जगह इस बल्लेबाजों को मौका देने के बारे में सोचना चाहिए।

दीप दासगुप्ता का मानना है कि करुण नायर को तीसरे नंबर पर भेजना चाहिए क्योंकि ये वही पोजिशन है जिस पर खेलते हुए करुण ने लाल गेंद वाले क्रिकेट में अपने ज्यादातर रन बनाए हैं। करुण ने भारतीय टेस्ट टीम में 8 साल के बाद वापसी की थी और लीड्स में उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका भी दिया गया था जिसमें वो कुछ खास नहीं कर पाए थे। करुण छठे नंबर पर खेलते हुए पहली पारी में डक पर आउट हो गए थे जबकि दूसरी पारी में उनके बल्ले से सिर्फ 20 रन ही निकले।

दीप दासगुप्ता ने ईएसपीएन क्रिकइंफो पर बात करते हुए कहा कि भारतीय टीम को नंबर 3 पर साई सुदर्शन की जगह करुण नायर को लाना चाहिए और नितीश कुमार रेड्डी को छठे नंबर पर उतारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि करुण नायर ने प्रथम श्रेणी में अपने ज्यादातर रन तीसरे नंबर पर ही बनाए हैं और उन्होंने इंडिया ए के लिए इंग्लैंड लायंस के खिलाफ भी तीसरे नंबर पर बैटिंग की थी और दोहरा शतक लगाया था। अगर वो तीसरे नंबर पर आते हैं तो फिर छठे नंबर नितीश रेड्डी जैसे खिलाड़ी के लिए मौका खुल जाता है जो जरूरत पड़ने पर कुछ ओवर गेंदबाजी भी कर सकते हैं।

दीप ने माना कि तीसरे नंबर से साई सुदर्शन को बाहर करना मुश्किल फैसला होगा जिन्होंने डेब्यू मैच में नंबर 3 पर खेलते हुए पहली पारी में 0 और दूसरी पारी में 30 रन बनाए थे, लेकिन टीम मैनेजमेंट को उनके साथ ईमानदारी से बात करनी होगी। मैं उनसे बात करूंगा और कहूंगा कि आपको इसलिए नहीं बाहर किया जा रहा है कि आपने पहले टेस्ट मैच में रन नहीं बनाए, बल्कि ये टीम संयोजन की बात है। इसकी वजह से साई से बात करना अहम हो जाता है और सबसे बड़ी बात की आप इसे कैसे पेश करते हैं।

भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा टेस्ट मैच 2 जुलाई से खेला जाएगा और दीप का मानना है कि भारत उस मैच में बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव को खिलाएं। उन्होंने कहा कि जाहिर है कि आप पहले मैच के बाद ज्यादा बदलाव नहीं करना चाहते हैं, लेकिन ये युवा टीम है और आपको सही संयोजन बनाना ही होगा। बर्मिंघम में आमतौर पर बैटर्स को फायदा मिलता है, लेकिन मैं कुलदीप को प्लेइंग इलेवन में देखना चाहूंगा।