इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने संकेत दिए कि वह इस कानूनी सवाल पर बड़ी बेंच का गठन कर सकती है कि क्या गिरफ्तारी मेमो में केवल टाइपिंग की गलती (टाइपो) होने से गिरफ्तारी अवैध मानी जा सकती है और आरोपी को जमानत मिल सकती है। सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार ने सोनम रघुवंशी को मिली जमानत का कड़ा विरोध किया, जबकि सोनम ने हलफनामे में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसे झूठा फंसाया गया है। सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ? राजा रघुवंशी हत्याकांड में मेघालय सरकार की ओर से दायर याचिका पर गुरुवार को जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की अवकाश कालीन पीठ ने सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि इतने गंभीर हत्या के मामले में केवल गिरफ्तारी मेमो में एक टाइपिंग गलती के आधार पर जमानत देना कानून की गलत व्याख्या है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के समय आरोपी को इसके आधार उपलब्ध कराए गए थे। मेमो में गलत धारा लिखना केवल क्लेरिकल (लिपिकीय) त्रुटि थी। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे इस कानूनी मुद्दे पर अलग-अलग फैसलों के बीच संतुलन बनाना होगा कि गिरफ्तारी के समय लिखित आधार देना कितना अनिवार्य है। जस्टिस मनोज मिश्रा ने कहा कि अदालत इस मामले पर विस्तार से विचार करेगी और यह भी तय करेगी कि क्या इस कानूनी प्रश्न को बड़ी बेंच के पास भेजने की जरूरत है। पीठ ने मेघालय पुलिस को निर्देश दिया कि आरोपी को गिरफ्तारी के समय दिए गए मूल दस्तावेजों की स्पष्ट (लेजिबल) प्रतियां अदालत में पेश की जाएं, ताकि यह देखा जा सके कि गिरफ्तारी के समय वास्तव में क्या जानकारी दी गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक टिप्पणी भी की कि यदि हाईकोर्ट द्वारा जमानत देने का आधार टिकाऊ नहीं पाया गया तो जमानत आदेश भी रद्द हो सकता है। मेघालय सरकार की दलील राज्य सरकार ने कहा कि यह एक सुनियोजित हत्या का मामला है। अभियोजन के अनुसार, सोनम रघुवंशी ने हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची, सुपारी किलर्स की मदद से हत्या करवाई और शव को गहरी खाई में फेंक दिया। ऐसे गंभीर अपराध में तकनीकी गलती के आधार पर जमानत नहीं दी जानी चाहिए। सोनम ने क्या कहा? सुनवाई से पहले सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल किया। इसमें उसने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया और कहा कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया है। सोनम का कहना है कि उसने जांच में पूरा सहयोग किया है और उसके खिलाफ लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। हाईकोर्ट ने जमानत क्यों दी थी? मेघालय हाईकोर्ट ने 29 जून को ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई जमानत को बरकरार रखा था। हाईकोर्ट का कहना था कि गिरफ्तारी मेमो में हत्या की धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) की जगह धारा 403 लिखी गई थी। अदालत ने इसे जांच एजेंसी की "न्यायिक सोच के पूर्ण अभाव" (total non-application of judicious mind) का उदाहरण मानते हुए कहा था कि आरोपी को गिरफ्तारी के सही आधार उपलब्ध नहीं कराए गए। अब आगे क्या? सुप्रीम कोर्ट ने अभी सोनम की जमानत पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। अदालत पहले यह तय करेगी कि क्या केवल गिरफ्तारी मेमो में टाइपिंग की गलती के आधार पर गिरफ्तारी को अवैध माना जा सकता है। यदि अदालत इस आधार को अस्वीकार करती है, तो सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द होने की संभावना भी बन सकती है। ‘नेपाल नहीं भागी, शिलॉन्ग में ही हूं’ पिछले दिनों राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने आरोप लगाया था कि सोनम जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर नेपाल भाग गई है। उन्होंने केस की CBI जांच की मांग भी की थी। इसके जवाब में सोनम ने मीडिया से कहा-मेरे बारे में अफवाहें फैलाई जा रही हैं। मैं शिलॉन्ग में ही हूं। कोर्ट की कार्यवाही में पूरा सहयोग कर रही हूं। हनीमून की आड़ में रची गई खूनी साजिश यह पूरा मामला मई 2025 का है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया था। इंदौर के ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी की शादी सोनम से हुई। शादी के कुछ दिन बाद दोनों हनीमून मनाने मेघालय रवाना हुए। वहां से अचानक गायब हो गए। पुलिस ने मेघालय की एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद किया। जब जांच एजेंसियों ने कड़ियों को जोड़ा तो सामने आया कि हनीमून तो सिर्फ एक बहाना था। असल में राजा की हत्या की पूरी साजिश रची गई थी, जिसकी सूत्रधार उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी ही थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल, वह सशर्त जमानत पर बाहर है। ………………………. यह खबर भी पढ़ें राजा की हत्या का मास्टरमाइंड राज कुशवाह: सोनम की शादी के 11 दिन पहले प्लान किया मर्डर इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या का मास्टरमाइंड सोनम का प्रेमी राज कुशवाह है। उसने राजा और सोनम की शादी के 11 दिन पहले मर्डर का प्लान बना लिया था। यह खुलासा मेघालय पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने किया है। पढ़ें पूरी खबर