देश के लगभग 70% हिस्से से मानसून के बादल गायब हो गए हैं। राजस्थान, दिल्ली-NCR, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र में अगले 5 दिन तक बारिश की संभावना भी कम है। बारिश रुकने से मध्य प्रदेश, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के राज्यों में तापमान बढ़ गया। राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि कुछ हिस्सों में शनिवार को भारी बारिश हुई। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। दोनों राज्यों में लैंडस्लाइड की वजह से कुल 440 सड़कें बंद हो गईं। मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और मेघालय में बहुत ज्यादा बारिश हुई। पहाड़ों पर हो रही बारिश से मैदानी इलाकों में गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। प्रयागराज-ऋषिकेश से तस्वीरें भी सामने आईं हैं। 12 जुलाई की सैटेलाइट तस्वीर, पश्चिमी हिस्से से बादल गायब दिखे मानसून को सक्रिय रखने वाले सिस्टम कमजोर पड़ा मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, देश के 70% हिस्से से मानसून के बादल गायब होने के पीछे सबसे बड़ी वजह मानसून को सक्रिय रखने वाले सिस्टम का कमजोर पड़ना है। 9 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में कोई नया मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम नहीं बना, जिससे मानसूनी हवाओं को पर्याप्त नमी नहीं मिल सकी। इसके साथ ही मानसून ट्रफ भी अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है। इसकी वजह से मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के बड़े हिस्से में बादल और बारिश की गतिविधियां काफी कम हो गई हैं। फिलहाल बारिश मुख्य रूप से उत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और पूर्वोत्तर तक सीमित है। IMD का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के फिर से पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना कम है। देशभर से मौसम की तस्वीरें… मौसम से जुड़े भास्कर के 3 कार्टून… देशभर के मौसम के बारे में जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…