हैदराबाद के निजी स्कूल में दूसरी कक्षा के स्टूडेंट्स को होमवर्क में कलमा पढ़ने का निर्देश देने से विवाद खड़ा हो गया। मामले में स्कूल प्रबंधन ने संबंधित महिला टीचर को नौकरी से हटा दिया। गुरुवार को हिंदू संगठन के लोगों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। इस मामले में DCP खरे किरण प्रभाकर ने गुरुवार को बताया कि यह स्कूल और शिक्षा नीति, दोनों का उल्लंघन है। बुधवार को टीचर ने दूसरी कक्षा के 25 छात्रों को होमवर्क दिया कि सभी कलमा पढ़ें। कक्षा में 25 छात्रों में सिर्फ एक छात्र हिंदू है। इसी छात्र के परिवार ने इस पर आपत्ति जताई। पुलिस ने बताया कि अब तक इस मामले में कोई आपराधिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
परिजन बोले- टीचर ने माफी मांगी इसी बीच, हिंदू छात्र के परिजन ने गुरुवार को स्कूल प्रिंसिपल को पत्र देकर कहा कि शिक्षक ने माफी मांग ली है। हमने माफी मंजूर कर ली है। उन्होंने स्कूल से अपनी शिकायत वापस लेने की बात कही। हालांकि, शिक्षक की बर्खास्तगी वापस लेने पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। पुलिस के अनुसार, बच्चे के माता-पिता ने बयान दिया है कि स्कूल की ओर से की गई कार्रवाई से वे संतुष्ट हैं और मामला सुलझ गया है। स्कूल के बाहर प्रदर्शन, 30 से ज्यादा हिरासत में गुरुवार को इस घटना के विरोध में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने एकेडमिक एक्टिविटी के तहत दिए गए निर्देशों पर कड़ी आपत्ति जताई और संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। VHP कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान 30 से ज्यादा लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। इससे पहले, छह साल के छात्र की बुआ स्कूल पहुंचीं और टीचर्स से सवाल किए। उनका आरोप था कि बच्चे की होमवर्क डायरी में कलमा पढ़ने का निर्देश लिखा था। उन्होंने दावा किया कि स्कूल प्रिंसिपल ने इसे धार्मिक विषय बताते हुए सभी छात्रों के लिए अनिवार्य बताया है। बाद में संबंधित टीचर ने स्वीकार किया कि यह निर्देश गलती से बच्चे की डायरी में लिख दिया गया था। उन्होंने कहा कि धर्म से जुड़ा होमवर्क केवल उन्हीं छात्रों को दिया जाना चाहिए, जिन्होंने इसे चुना हो। साथ ही शिक्षा विभाग से पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। स्कूल प्रशासन से उनकी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें: महाराष्ट्र के प्राइवेट स्कूल में तिलक लगाने पर सजा:माता-पिता ने की शिकायत, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने नोटिस जारी कर स्कूल से जवाब मांगा महाराष्ट्र के एक प्राइवेट स्कूल में स्टूडेंट्स को माथे पर तिलक लगाने से मना किया गया। इसके बाद कल्याण डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KDMC) ने स्कूल को एक नोटिस जारी किया है। मामला तब सामने आया जब बच्चों के माता-पिता ने यह आरोप लगाया कि बच्चों को स्कूल के अंदर तिलक, बिंदी, चूड़ी, राखी और कलावा बांधने के लिए मना किया गया। पढ़ें पूरी खबर…

हैदराबाद में हिंदू छात्र को कलमा पढ़ने का होमवर्क दिया:परिजन ने विरोध दर्ज कराया तो टीचर ने माफी मांगी, VHP का स्कूल के बाहर प्रदर्शन
हैदराबाद के निजी स्कूल में दूसरी कक्षा के स्टूडेंट्स को होमवर्क में कलमा पढ़ने का निर्देश देने से विवाद खड़ा […]
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