श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को अयोध्या में 2 बड़े फैसले लिए। पहला- 9 संतों की एक धार्मिक समिति बनाई गई है। जिसमें 5 संत अयोध्या से और 4 संत मंदिर ट्रस्ट से शामिल किए गए हैं। ट्रस्ट कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। दूसरा- ट्रस्ट का एक प्रवक्ता होगा। सचिव भी बनाया जाएगा। हालांकि महासचिव समेत तीन ट्रस्टियों के नाम फाइनल नहीं हो पाए। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महासचिव बजरंग लाल बागड़ा का नाम आगे बढ़ाया गया, लेकिन ट्रस्ट के सभी सदस्य एकमत नहीं हैं। अयोध्या के संत चाहते हैं कि लोकल चेहरे को महासचिव बनाया जाए। इसलिए इस विषय को टाल दिया गया। चंद्रमोहन ही अभी कार्यवाहक महासचिव रहेंगे। बता दें कि सहमति बनाने के लिए संघ की ओर से सदस्यों के साथ एक गोपनीय बैठक भी की गई थी। ट्रस्ट की बैठक दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक श्री स्वामी मणि रामदास छावनी में हुई। ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास महाराज खुद इसकी अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में संकेत दिए गए कि चढ़ावे की गिनती और जमा रखने वाले SBI बैंक से करार खत्म हो सकता है। अगली बैठक 2 सितंबर को होगी। उसी में नए महासचिव और CEO के नामों का ऐलान किया जाएगा। चढ़ावा चोरी के बाद यह दूसरी बैठक थी। 6 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए थे। रिटायर IFS अफसर कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था। चढ़ावा चोरी के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने 26 जून को इस्तीफा दे दिया था। ट्रस्ट ने किन बड़े मुद्दों पर मंथन किया, जानिए… SBI की लापरवाही पर नाराजगी: राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ करार हुआ था। बैंक की तरफ से चढ़ावा गिनती के लिए रखे गए लोग आरोपी निकले। संतों ने बैंक की भूमिका पर नाराजगी जाहिर की। वित्त समिति को पूरे मामले की समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। एक महीने बाद CEO पर फैसला: मंदिर की व्यवस्थाएं संभालने के लिए नए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के चयन की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। इस पद के लिए देशभर से करीब 5200 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। चयन समिति ने एक माह का अतिरिक्त समय मांगा। ट्रस्ट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। साथ ही प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए एक सचिव की नियुक्ति भी मंजूर की गई। ट्रस्ट का होगा आधिकारिक प्रवक्ता: समाज और मीडिया से नियमित संवाद बनाए रखने के लिए ट्रस्ट ने आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का फैसला किया है। इससे मंदिर और ट्रस्ट से जुड़ी जानकारी समय पर और प्रमाणिक तरीके से लोगों तक पहुंचाई जाएगी। श्रद्धालुओं की संख्या में नहीं आई कमी: ट्रस्ट ने कहा कि विभिन्न आरोपों और दुष्प्रचार के बावजूद राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। इसे करोड़ों रामभक्तों की अटूट आस्था का प्रमाण बताते हुए संत समाज, श्रद्धालुओं और अयोध्यावासियों का आभार जताया गया। धार्मिक समिति का पुनर्गठन: पूजा-अर्चना की परंपरागत शुद्धता बनाए रखने के लिए धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया गया है। समिति की अध्यक्षता स्वामी गोविंद देव गिरि करेंगे। इसके सदस्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ, स्वामी दिनेंद्रदास, स्वामी कमलनयनदास, महंत राजकुमार दास, स्वामी रामानंद दास और स्वामी मिथिलेशनंदिनी शरण होंगे। खाली ट्रस्टी पद जल्द भरने की तैयारी: बैठक में ट्रस्ट के रिक्त ट्रस्टी पदों को भरने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। ट्रस्ट ने उम्मीद जताई कि अगले कुछ सप्ताह में इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। CCTV व्यवस्था पर जताया संतोष: बैठक में मंदिर परिसर की सीसीटीवी व्यवस्था की समीक्षा की गई। ट्रस्ट ने बताया कि चढ़ावे की गिनती वाले कक्ष समेत सभी कैमरों की पहुंच सुरक्षा अधिकारियों के पास है। इस व्यवस्था पर न्यासियों ने संतोष जताया। अभी नहीं मिली SIT की जांच रिपोर्ट: ट्रस्ट ने बताया कि चढ़ावे की गिनती में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। इसलिए इस मामले पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई और अदालत के आदेशों का संज्ञान लिया गया। राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लाग से गुजर जाइए…

राममंदिर में 9 संतों की समिति बनी, प्रवक्ता भी होगा:अयोध्या में ट्रस्ट की बैठक 2 घंटे चली; 3 खाली पदों के नामों पर सहमति नहीं बनी
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को अयोध्या में 2 बड़े फैसले लिए। पहला- 9 संतों की एक धार्मिक […]