प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार आधी रात घोषणा कर दी है कि पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाया जाएगा। इससे जुड़े मसौदे पर आज कैबिनेट में चर्चा होगी। मंजूरी मिलने के बाद इसे अगले हफ्ते संसद में पेश किया जाएगा। साथ ही इसे जल्द से जल्द पास कराने की कोशिश होगी। PM मोदी ने X पर 2.56 मिनट का एक वीडियो मैसेज पोस्ट किया, जिसमें वे कह रहे हैं- पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक से अबतक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं। हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो। परीक्षाएं तुरंत कराना जरूरी था। सरकार ने कम से कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया। लेकिन हम इतने से संतोष करने वाले नहीं हैं। इसलिए मैंने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश विभागों को दिया है। सबने लगातार मेहनत करके देर रात मसौदा भी भेज दिया है। इस पर शुक्रवार को कैबिनेट के बीच चर्चा होगी। इससे पहले पीएम मोदी ने गुरुवार को ही पेपर लीक केस के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने की बात कही थी। दरअसल, यह पूरा मामला 3 मई को हुए NEET UG पेपर लीक से जुड़ा है। इसी NEET UG पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन कर रही है। सोनम वांगचुक ने 26 दिन अनशन किया और संसद में सांसद हंगामा कर रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच CBI कर रही है। इसमें महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में पड़ताल हुई। अबतक 13 आरोपी पकड़े गए हैं। जल्द ही CBI मामले की चार्जशीट फाइल कर सकती है। पीएम के वीडियो पर 2 सबसे अहम रिएक्शन 1. राहुल गांधी बोले- छात्रों की समझदारी का अपमान न करें, प्रधान को हटाएं: पीएम मोदी के वीडियो जारी करने के बाद राहुल गांधी ने X पर एक पोस्ट में इसे आधी रात का बेकार वीडियो बताया। राहुल ने लिखा- “मिस्टर मोदी, हमारे छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आधी रात के इस बेकार वीडियो से उनकी समझदारी का अपमान न करें। प्रधान को हटाएं, छात्रों को पीटने वालों को सजा दें और माफी मांगें।” 2. कॉकरोच जनता पार्टी- प्रधान को हटाना सबसे सख्त कार्रवाई होगी: CJP ने कहा है कि परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ सरकार जो सबसे सख्त कार्रवाई कर सकती है, वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान को हटाना है। CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा- “मोदी जी, कल ही धर्मेंद्र प्रधान को हटा दीजिए। यही सबसे सख्त कार्रवाई है जो आप कर सकते हैं।” पिछले 4 दिन में पेपर लीक पर पीएम मोदी के 2 बयान…. एक्शन में सरकार, शिक्षा मंत्रालय में दोनों सचिव बदले इधर, पेपर लीक और जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को देखते हुए सरकार लगातार एक्शन ले रही है। गुरुवार को ही नौकरशाही में बड़ा फेरबदल करते हुए 17 सीनियर अधिकारियों के तबादले और प्रमोशन के आदेश जारी किए गए। सबसे बड़ा फेरबदला शिक्षा मंत्रालय में ही हुआ। यहां 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। वे मौजूदा सचिव विनीत जोशी की जगह लेंगे। जबकि विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय सचिव बना दिया गया है। इसके अलावा 1995 बैच के IAS अधिकारी टी.के. अनिल कुमार को पदोन्नत कर स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने पेपर लीक पर फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया दिल्ली हाईकोर्ट ने 'पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024' और इससे जुड़े दूसरे अपराधों की सुनवाई के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया गया है। इससे जुड़े सभी मामले इसमें ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। दिल्ली हाई कोर्ट ने तीस हजारी कोर्ट के मीडिएशन सेंटर की इंचार्ज जज अनु ग्रोवर बालीगा का ट्रांसफर राउज एवेन्यू कोर्ट में स्पेशल जज के तौर पर किया है। अभी लागू है पब्लिक एग्जामिनेशन्स प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स एक्ट लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 देश का पहला सेंट्रल एंटी-पेपर लीक कानून है। इसे 12 फरवरी 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी। 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू किया गया है। इसका उद्देश्य एंट्रेंस एग्जाम में पेपर लीक, नकल और परीक्षा घोटालों पर रोक लगाना है। इस कानून के तहत पेपर ली करने वालों को 3 से 5 साल की जेल और 10 लाख तक का जुर्माने का प्रावधान है। अगर कोई गिरोह शामिल है तो उसके लिए 5 से 10 साल की जेल और एक करोड़ के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। परीक्षा कराने वाली एजेंसी अगर पेपर लीक में दोषी हो तो उसके लिए एक करोड़ जुर्माना, परीक्षा की पूरी लागत वसूल करना और अगले 4 साल कोई परीक्षा न करवाने जैसी सजा शामिल है। इस कानून के तहत अपराधी पर गैर जमानती धाराएं लगती हैं। मामला समझौते से खत्म नहीं किया जा सकता। केस की जांच DSP या उससे सीनियर अफसर करते हैं। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… सोनम वांगचुक ने 27वें दिन अनशन तोड़ा, जेपी नड्डा-जितेंद्र सिंह ने जूस पिलाया पेपर लीक के खिलाफ 26 दिन से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म कर दी है। वे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुवार देर रात मेदांता पहुंचे। उन्होंने वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया। पढ़ें पूरी खबर…