धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्र आंदोलन खत्म होने के 2 दिन बाद आज संसद में पेपर लीक की रोकथाम से जुड़ा बिल पेश किया जाएगा। इस बिल का नाम 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह लोकसभा में बिल पेश करेंगे। इस बिल के जरिए 2024 में बने कानून में बदलाव किए जाएंगे। आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान होगा। राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बना सकेंगे। इन अदालतों में रोजाना सुनवाई होगी। इस बिल का ऐलान पीएम मोदी ने 23 जुलाई की रात ढाई मिनट का वीडियो मैसेज जारी किया था। मोदी ने कहा था कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। मौजूदा पेपर लीक रोकने का कानून, 4 पॉइंट 1. जून 2024 तक पेपर लीक के लिए कोई एक सेंट्रल कानून नहीं था। धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज होता था। इनमें जमानत की कोई सख्त शर्तें नहीं हैं। 2. कुछ राज्यों ने अलग से नकल-विरोधी भी कानून बनाए, मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट भी शामिल किया। उत्तर प्रदेश में कुछ मामलों में गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया। 3. NEET-UG और UGC के एग्जाम में धांधली के बाद 21 जून 2024 को केंद्र सरकार ने सार्वजानिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू किया। इसमें पेपर लीक, मदद करना, गलत तरीके से OMR शीट हासिल करना, नकल करवाना, एग्जाम से जुड़ी फर्जी वेबसाइट बनाने या परीक्षक को धमकी को सजा के दायरे लाया गया। 4. ये सभी अपराध गैर-जमानती हैं, इनमें दो कैटेगरी में सजा का प्रावधान है। पहला- पेपर लीक वगैरह करने पर 3 से 5 साल की सजा और 10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। दूसरा- एग्जाम करवाने वाली संस्था या एजेंसी के डायरेक्टर या मैनेजमेंट के ऑफिसर्स ने कोई अपराध किया, तो 3 से 10 साल तक की जेल और एक करोड़ का जुर्माना। पेपर लीक मामले पर विपक्ष का रिएक्शन, मांग- पीएम संसद में बयान दें संसद सत्र से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

लोकसभा में आज पेपर लीक से जुड़ा बिल आएगा:जितेंद्र सिंह पेश करेंगे; 2024 में बने कानून में बदलाव होंगे, सजा-जुर्माना दोनों बढ़ेंगे
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्र आंदोलन खत्म होने के 2 दिन बाद आज संसद में पेपर लीक की रोकथाम […]