कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने रविवार को पार्टी नेताओं को भाजपा को खुश करने वाले बयान देने से बचने को कहा। वेणुगोपाल ने यह टिप्पणी शशि थरूर के राहुल गांधी के दिए बयान को लेकर की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक थरूर ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम जेन-जी के बीच उतना असर नहीं डाल सका, जितना ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध प्रदर्शनों ने डाला था। वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने थरूर का बयान केवल कुछ मीडिया चैनलों पर पढ़ा है और वे ठीक-ठीक नहीं सुन पाए कि थरूर ने क्या कहा था। उन्होंने कहा कि थरूर की टिप्पणी के बारे में सीधे उन्हीं से पूछा जाना चाहिए। वेणुगोपाल बोले- सार्वजनिक बयान देते समय सावधानी जरूरी वेणुगोपाल ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि थरूर ने जानबूझकर ऐसी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा, हम सभी को ध्यान रखना चाहिए, चाहे जानबूझकर या अनजाने में। सार्वजनिक बयान देते समय सावधानी रखनी चाहिए। वेणुगोपाल ने आगे कहा कि अगर कोई राहुल गांधी में गलती निकालता है या उनके बारे में दो नकारात्मक बातें कहता है, तो भाजपा बहुत खुश होगी। उनके लिए यह सबसे खुशी की बात होगी। थरूर का राहुल पर बयान, फिर सफाई; 2 दिन का घटनाक्रम 7 अगस्त: थरूर बोले- हमें देखना होगा कि कहां चूक हुई
थरूर ने शुक्रवार को महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में वही मुद्दे उठाए गए थे, जो ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने उठाए थे। जब उनसे पूछा गया कि ‘छात्रों की गूंज’ रैलियां जंतर-मंतर पर हुए कार्यक्रम जितना असर क्यों नहीं डाल पाईं, तो थरूर ने कहा था, “सही है। इसलिए हमें खुद से पूछना चाहिए कि हमसे क्या नहीं हो पाया।” उन्होंने कहा था, “क्या हम छात्रों की बात सुनने में नाकाम रहे? क्या हम उस पुराने मुहावरे पर खरे नहीं उतरे कि हमें जनता की नब्ज पर उंगली रखनी चाहिए? क्या हमारी उंगली जेन जी की नब्ज से हट गई थी? हमें इस पर गंभीरता से विचार करना होगा।” 8 अगस्त: थरूर बोले- मेरे बयान को पार्टी पर हमले के तौर पर समझा गया विवाद बढ़ने के बाद शनिवार को थरूर ने X पर लिखा कि मीडिया उनके बयान को “अपनी ही पार्टी या उसके नेतृत्व पर हमला” बता रहा है। उन्होंने कहा कि उनका जोर इस बात पर था कि राजनीतिक दलों को अपने दरवाजे खोलने चाहिए और अगली पीढ़ी के लिए राजनीति को दिशा देने की ताकत हासिल करने के रास्ते बनाने चाहिए। राहुल का 3 शहरों में छात्रों की गूंज कार्यक्रम, दिल्ली में होना बाकी राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कांग्रेस का छात्र और युवा आउटरीच अभियान है। इसे 17 जून 2026 को राजस्थान के कोटा से शुरू किया गया था। अभियान का फोकस पेपर लीक, भर्ती में देरी, परीक्षा व्यवस्था की खामियां, बेरोजगारी और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर छात्रों की आवाज उठाना है। कांग्रेस ने इसे 40 दिन के देशव्यापी अभियान के तौर पर शुरू किया था। राहुल गांधी ने इसके तहत कोटा और देहरादून में बड़े छात्र कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। देहरादून में 17 जुलाई को कार्यक्रम हुआ था। इसके बाद अभियान का अगला बड़ा कार्यक्रम 8 अगस्त को प्रयागराज में हुआ, जहां राहुल गांधी ने छात्रों और युवाओं से संवाद किया। दिल्ली में राहुल का एक कार्यक्रम बाकी है। इस दौरान राहुल ने पेपर लीक और देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने कई बार अपने साथ स्टेज पर अपने साथ कई स्टूडेंट्स और टीचर्स को भी बोलने का मौका दिया है। —————————— ये खबर भी पढ़ें… थरूर बोले- RSS की विचारधारा नहीं बदली: उनका मकसद देश को हिंदू राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाना कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि RSS का मुख्य मकसद भारत को हिंदू राष्ट्र और हिंदुत्व के रूप में आगे बढ़ाना है और यह मूल विचारधारा आज भी नहीं बदली है। पूरी खबर पढ़ें…