भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में परिवार के वकील संजीव कुमार सिंह ने सोमवार को दावा किया कि आरा कोर्ट ने 11 लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। हालांकि, आरा कोर्ट की ओर से कहा गया कि वकील की ओर से कोर्ट में 11 प्वाइंट पर अपना पक्ष रखा था। कोर्ट की ओर से गैरजमानती वारंट जारी नहीं किया गया है। इस 11 प्वाइंट पर कोर्ट की ओर से अपडेट मांगा गया है। इससे पहले वकील ने ये भी दावा किया कि कोर्ट ने 12 अगस्त को इन सभी को अरेस्ट कर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। इनमें जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीएम संजीत कुमार,एसडीपीओ राजेश शर्मा, थानाध्यक्ष राजेश मालाकार, दरोगा अंकित आर्यन, हरिश्चंद्र कुमार, STF जवान अक्षय कुमार, विकास कुमार और ASI रमाशंकर यादव समेत कुल 11 लोग शामिल हैं। भरत तिवारी एनकाउंटर केस में अब तक एक गिरफ्तारी भरत तिवारी एनकाउंटर केस में अब तक सिर्फ एक गिरफ्तारी हुई है। भोजपुर पुलिस ने एनकाउंटर में शामिल STF जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार किया है। तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार सस्पेंड हो चुके हैं। राजेश शर्मा को पटना में मद्य निषेध का डीएसपी बनाया गया था। हालांकि, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भरत तिवारी के परिवार की मुलाकात के बाद उन्हें दोबारा लाइन क्लोज कर दिया गया था। वहीं, जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीएम संजीत कुमार को भी उनके पद से हटाकर पटना मुख्यालय अटैच कर दिया गया था। वकील बोले- 12 अगस्त को भोजपुरी SP को कोर्ट ने बुलाया एडवोकेट संजीव कुमार ने बताया कि गैरजमानती वारंट के लिए मैंने आरा कोर्ट में याचिका डाली थी। इसके अलावा, अभी तक की कार्रवाई, जांच रिपोर्ट, प्राथमिकी अभियुक्त को लेकर जानकारी भी मांगी थी। जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर थाना के तत्कालीन एसएचओ राजेश मालाकार, एसटीएफ जवान अक्षय कुमार (गिरफ्तार हो चुका है), विकास कुमार, रविंदर, अंकित आर्यन, रामचंदर, हरिशचंदर है, जो प्राथमिकी अभियुक्त में शामिल हैं। एनकाउंटर पर उठाए थे सवाल भरत तिवारी की मौत के मामले में परिजनों और समर्थकों की ओर से पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बीच अब कोर्ट द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने से आरोपियों की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। अब भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर की कहानी जानिए 15 जून की सुबह भरत भूषण तिवारी ने फेसबुक लाइव कि इस वीडियो में दिख रहा था कि वो सुनसान इलाके में खड़ा है। उसके सामने पुलिस और एसटीएफ की टीम खड़ी है। भरत के दोनों ओर बुलेट प्रूफ जैकेट पहने भोजपुर पुलिस के जवान हथियार लेकर खड़े हैं। खुद भरत इस बात का जिक्र करता है। वो खुद को निर्दोष बताते हुए कहता है कि मैं कोई मुजरिम नहीं हूं, इसके बावजूद एसटीएफ के साथ भोजपुर पुलिस टीम मुझे पकड़ने आई है। वीडियो के आखिर में भरत भूषण पुलिस की ओर हथियार फेंकता है और खुद को सरेंडर कर फेसबुक लाइव बंद कर देता है। पुलिस का दावा है कि इसके बाद उसने दोबारा पिस्टल उठाकर फायरिंग की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैरों में गोली मारी गई।