थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट के टर्बुलेंस मामले में आरोपी पायलट का दूसरा ड्रग टेस्ट भी पॉजिटिव आया है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पायलट ने गांजा का नशा किया था। DGCA ने फिलहाल प्लेन उड़ा रहे दोनों पायलट को जांच पूरी होने तक ड्यूटी से हटा दिया है। एयरक्रॉफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो (AAIB) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। AAIB ने कहा कि जांच पूरी होने तक कोई नतीजा नहीं निकाला जाना चाहिए। यह घटना 4 अगस्त को हुई थी। भुवनेश्वर से गुजरते समय प्लेन में अचानक टर्बुलेंस जैसे हालात बने और यह करीब 300 फीट नीचे आ गया था। जिससे यात्रियों और क्रू सदस्यों को चोटें आई थीं। प्लेन में 137 पैसेंजर और 8 क्रू मेंबर सवार थे। हादसे के बाद प्लेन के अंदर की 2 तस्वीरें… AAIB ने जांच शुरू की, 7 पॉइंट पर जांच करेगा AAIB यानी एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने इसे औपचारिक जांच के लिए लिया है। वह यह पता लगाने की कोशिश करेगा… घटना से जुड़ी 2 वजहें, लेकिन पुष्टि नहीं पहला दावा- टर्बुलेंस हुआ, फ्लाइट 3 मिनट तक पलटी खाती रही: फ्लाइट टर्बुलेंस, यानी तेज हवा के झटकों में फंस गई। अचानक 300 फीट तक नीचे आ गई। पायलट ने स्थिति संभाली और फ्लाइट को दिल्ली एयरपोर्ट पर 4 अगस्त की सुबह 11:07 बजे सुरक्षित उतार लिया। एक यात्री ने दावा किया कि उड़ान भरने के करीब डेढ़ घंटे बाद तेज झटके लगने लगे। सुबह का समय था और ज्यादातर यात्री सो रहे थे। अचानक विमान जोर से हिलने लगा और 2-3 मिनट तक पलटी खाता रहा। पढ़ें पूरी खबर… दूसरा दावा- ऑटो पायलट डिस्कनेक्ट हुआ, 3 बार हाइड्रोलिक सिस्टम फेल: न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के मुताबिक बताया कि, फ्लाइट में कई तकनीकी खराबियां आईं थीं। विमान का हाइड्रोलिक सिस्टम तीन बार फेल हुआ। ऑटो पायलट भी डिस्कनेक्ट हो गया था। इसके तुरंत बाद को-पायलट ने मैनुअल तरीके से विमान का कंट्रोल संभाला। विमान के कई इंडिकेटर स्विच कुछ समय के लिए बंद हो गए थे। इस दौरान विमान को हवा में झटके भी लगे। पढ़ें पूरी खबर… एअर इंडिया बोली- जांच जारी, बयान नहीं दे सकते एअर इंडिया ने सोमवार को कहा कि वह फुकेत-दिल्ली उड़ान की घटना से जुड़े जांच निष्कर्षों या टिप्पणियों पर बयान नहीं दे सकती। एयरलाइन ने कहा कि AAIB प्रावधानों के तहत जांच कर रहा है। एयरलाइन के प्रवक्ता ने कहा, “घटना की जांच जारी है, इसलिए एअर इंडिया जांच से जुड़े किसी पॉइंट पर बयान नहीं दे सकती। हम जरूरत के मुताबिक संबंधित अधिकारियों को पूरा सहयोग देते रहेंगे।” एअर इंडिया CEO की मंत्रालय में पेशी एअर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन की अगुवाई में एयरलाइन मैनेजमेंट की एक टीम मंगलवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सीनियर अधिकारियों से मिलने पहुंची। विल्सन के अलावा, पूर्व उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला और एयर इंडिया के फ्लाइट सेफ्टी हेड दीपक जोशी भी बैठक में शामिल हुए। दावा- फ्लाइट में कई तकनीकी खराबियां आईं थीं न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया था कि प्लेन का हाइड्रोलिक सिस्टम तीन बार फेल हुआ था। ऑटो पायलट भी डिस्कनेक्ट हो गया था। इसके तुरंत बाद को-पायलट ने मैनुअल तरीके से विमान का कंट्रोल संभाला। विमान के कई इंडिकेटर स्विच कुछ समय के लिए बंद हो गए थे। हादसे के कारणों की जांच के लिए फ्रांस की एजेंसी BEA और एयरबस की टीमें मंगलवार को भारत आ रही हैं। जिस विमान A320 में खराबी आई, वह फ्रांस में बनता है इसलिए BEA भी जांच में शामिल हो रही है।