पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यक्रम में मंगलवार को कुछ लोगों ने चोर, चोर के नारे लगाए। यह ममता के साथ 3 दिन में दूसरी घटना है। रविवार को हलीसहर में भी ममता को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा था। TMC ने कोलकाता में यह कार्यक्रम बीजेपी सांसद नागेंद्र रॉय की नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में रखा था। नारे लगने से कार्यक्रम कुछ देर के लिए रुक गया था। नेताजी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देने पहुंची थीं ममता ममता नॉर्थ कोलकाता के श्याम बाजार फाइव-पॉइंट क्रॉसिंग पर पहुंची थीं। उनके हाथ में स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस की फोटो थी। जब कार्यक्रम चल रहा था, तभी कुछ लोग वहां जमा हो गए। उन्होंने ममता ‘चोर-चोर’ के नारे लगाना शुरू कर दिए। टीएमसी का आरोप है कि बीजेपी समर्थित लोगों ने जानबूझकर प्रदर्शन करवाया। पार्टी के मुताबिक, इसका मकसद कार्यक्रम को रोकना और ममता बनर्जी का अपमान करना था। बीजेपी सांसद ने नेताजी को वॉर क्रिमिनल कहा था नागेंद्र रॉय ने नेताजी को वॉर क्रिमिनल बताया था। उन्होंने नेताजी के नेतृत्व पर सवाल उठाए और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में आजाद हिंद फौज की भूमिका पर भी संदेह जताया था। पश्चिम बंगाल बीजेपी के नेताओं ने इन बयानों से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने साफ किया कि रॉय की टिप्पणी पूरी तरह निजी थी। पार्टी न तो इसका समर्थन करती है, न ही इसे मानती है। TMC ने इन टिप्पणियों को बंगाल की राष्ट्रवादी विरासत और नेताजी की राजनीतिक पहचान पर हमला बताया। 9 अगस्त: हलीसहर में भी ममता के काफिले को घेरा गया था 9 अगस्त को भी ममता ने खुद पर हमले का दावा किया था। ममता नॉर्थ 24 परगना जिले के हलीसहर में TMC कार्यकर्ता के परिवार से मिलने गई थीं। आरोप है कि इस कार्यकर्ता की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। जब ममता, कार्यकर्ता के घर पहुंचीं तो लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया था। चोर-चोर के नारे लगाए। ममता का आरोप है कि उनकी गाड़ी पर कीचड़ और चप्पलें भी फेंकी गई थीं। भीड़ बढ़ने पर पुलिसकर्मियों ने ममता की गाड़ी के चारों ओर घेरा बनाया था। हालांकि बीजेपी ने हलीसहर की घटना में शामिल होने से इनकार किया है। उसके नेताओं ने प्रदर्शन को ममता के खिलाफ जनता के गुस्से की अभिव्यक्ति बताया। ममता पर हमले से जुड़ी 3 अन्य घटनाएं 8 जुलाई: ममता ने घर के बाहर 3 लोगों को थप्पड़ मारा पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 8 जुलाई को TMC की रैली में हंगामा हो गया था। इस दौरान ममता बनर्जी नाराज हो गई। वे अपनी ही पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं को थप्पड़ मारते नजर आईं थीं। दरअसल, रैली बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ रेप-मर्डर के विरोध में निकाली जा रही थी। इस दौरान चोर-चोर के नारे लगने लगे और कुछ लोगों ने रैली में शामिल लोगों पर अंडे फेंकने शुरू कर दिए। टीएमसी ने आरोप लगाया कि हंगामा भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया। इस दौरान मारपीट भी की। ममता ने कहा कि बंगाल में अराजकता फैल गई है। पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं की तरह काम कर रही है। 4 मई: ममता का आरोप स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर मुझे मारा, धक्का दिया गया 4 मई को बंगाल विधानसभा में रिजल्ट वाले दिन ममता बनर्जी ने काउंटिंग सेंटर से बाहर निकलने पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि काउंटिंग सेंटर के अदंर उनपर हमला किया गया। उन्हें मारा गया और धक्का दिया गया। ममता ने कहा कि CCTV कैमरे बंद कर दिए गए थे।

कोलकाता में ममता बनर्जी के खिलाफ चोर-चोर के नारे लगे:3 दिन में दूसरी घटना; कार पर पत्थर और कीचड़ फेंका गया था
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यक्रम में मंगलवार को कुछ लोगों ने चोर, चोर के नारे लगाए। […]