एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने भारत की प्रति व्यक्ति आय का जिक्र करते हुए कहा कि अगर मौजूदा स्थिति जारी रही तो 2047 तक भारत विकसित देश नहीं बन पाएगा। वांगचुक के मुताबिक श्रीलंका-बांग्लादेश जैसे देश भारत से आगे निकल चुके हैं। देश को सही नेतृत्व चुनने के लिए शांतिपूर्ण क्रांति की जरूरत है। उन्होंने गुरुवार देर रात एक वीडियो किया। इसमें उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। इस दौरान उन्होंने देश और उसके भविष्य को लेकर काफी सोचा। वीडियो में वांगचुक ने 5 बातें कहीं वांगचुक ने 28 जून को भूख हड़ताल शुरू की थी सोनम वांगचुक ने 28 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। उन्होंने यह हड़ताल NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के समर्थन में शुरू की थी। तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस ने 18 जुलाई को वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। बाद में उन्हें मेदांता अस्पताल में एडमिट किया गया। सरकार के आश्वासन के बाद 24 जुलाई को वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म की थी। लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा की मांग के लिए वांगचुक 170 दिन जेल में रहे वांगचुक इससे पहले लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर 170 दिन तक जोधपुर जेल में रहे। उन पर आरोप था कि अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा हुई, जिसमें 4 लोगों की मौत और 90 लोग घायल हुए। सरकार ने वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। 26 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेज दिया गया। ————– ये खबर भी पढ़ें… पेपर लीक आंदोलन को 4 चेहरों ने क्रांति में बदला:दीपके ने डिजिटल समर्थन जुटाया; वांगचुक के अनशन ने भीड़ को एक किया मई में चीफ जस्टिस सूर्यकांत की ‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी वायरल हुई। इसके बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘अगर कॉकरोच कहे जा रहे युवा एकजुट हो जाएं तो क्या होगा?’ पूरी खबर पढ़ें…