एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट 4 अगस्त को हवा में अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गई थी। एयरबस की शुरुआती ब्लैक बॉक्स रिपोर्ट से पता चला है कि विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम एक साथ फेल हो गए थे। हाइड्रोलिक सिस्टम विमान के एलेवेटर, एलेरॉन और स्पॉयलर जैसे अहम हिस्सों को चलाने में मदद करते हैं। एयरबस के मुताबिक, ग्रीन, ब्लू और येलो तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में गड़बड़ी के कारण करीब 4 सेकेंड तक फ्लाइट कंट्रोल ने पायलट के कमांड पर काम नहीं किया। ऑटोपायलट भी डिस्कनेक्ट हो गया, जिससे विमान का कंट्रोल बिगड़ गया। कुछ सेकेंड बाद हाइड्रोलिक सिस्टम दोबारा एक्टिव हुआ। इसके बाद विमान तेजी से 300 फीट तक नीचे आ गया। इसी दौरान यात्रियों और केबिन क्रू को जोरदार झटका लगा और कई लोग विमान की छत से जा टकराए। विमान में 137 पैसेंजर और 8 क्रू मेंबर्स सवार थे। इनमें से 24 लोग घायल हो गए। बाद में फ्लाइट की दिल्ली में सुरक्षित लैंडिंग हुई। को-पायलट ने नोज-डाउन इनपुट दिया, कंट्रोल सिस्टम ने रिस्पांस नहीं दिया

फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम फेल हुए थे:जांच रिपोर्ट में खुलासा, 4 सेकेंड पायलट का कंट्रोल नहीं चला; विमान 300 फीट नीचे आया
एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट 4 अगस्त को हवा में अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गई थी। एयरबस की […]