22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने 6-7 मई की दरमियानी रात पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा मुरीदके शामिल हैं। भारत ने आज देर रात पाकिस्तान और PoK में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाते हुए ‘आपरेशन सिंदूर’ चलाया।
भारतीय सेना ने बताया कि भारत ने उन आतंकी ढांचों को निशाना बनाया जहां से भारत के खिलाफ आतंकवादी हमलों की योजना बनाई गई और उन्हें अंजाम दिया गया। वहीं, इन हमलों के बाद देशभर के तमाम नेताओं के रिएक्शन सामने आ रहे हैं। RSS का भी इस ऑपरेशन पर पहला बयान सामने आया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने बुधवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के लिए न्याय की शुरुआत है।आरएसएस के राष्ट्रीय मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख सुनील आंबेकर ने एक्स में एक पोस्ट में कहा, “पहलगाम के पीड़ितों के लिए न्याय की शुरुआत – ‘ऑपरेशन सिंदूर’, न्याय हुआ। राष्ट्र समर्थन करता है।” उन्होंने कहा, “जय हिंद। भारत माता की जय हो।”
पहलगाम के पीड़ितों के लिए न्याय का प्रारंभ -“Operation Sindoor”Justice served . Nation supports. Jai Hind. भारत माता की जय । pic.twitter.com/vNqNuVVYW5
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत जिन नौ ठिकानों पर हमला किया गया, उनमें से चार पाकिस्तान में और पांच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में थे। वायुसेना को खुफिया जानकारी मिली थी कि इन ठिकानों पर स्वास्थ्य केंद्रों की आड़ में आतंकी शिविर चल रहे हैं, ताकि उनका पता न चल सके।
कर्नल सोफिया कुरैशी ने मीडिया को संबोधित करते हुए पाकिस्तान और PoJK में मुंद्रिके और अन्य आतंकवादी शिविरों पर कई हमलों को दिखाते हुए वीडियो प्रस्तुत किए। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, “पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत पर आगे भी हमले हो सकते हैं, अत: इन्हें रोकना और इसने निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है।” पढ़ें- कौन हैं विंग कमांडर व्योमिका सिंह?
