गुरुवार को मुंबई में ‘महाराष्ट्र की हास्य-रेखा’ नामक पुस्तक का विमोचन समारोह आयोजित किया गया था। इस समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक ही मंच पर एक साथ नजर आए। संबोधन के दौरान तीनों ही दिग्गजों ने अपने-अपने अंदाज में एक-दूसरे पर तीखे राजनीतिक तंज कसे। तीनों नेताओं को एक साथ मंच साझा करते देख हर कोई हैरान रह गया और राजनीतिक हलकों में नई चर्चाएं व अटकलें तेज हो गईं।
इसी दौरान शिवसेना (ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने एक बेहद दिलचस्प बयान दिया। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में राउत ने कहा, “आने वाले समय में क्या बदलाव आएंगे, यह कोई नहीं जानता।”
संजय राउत ने स्पष्ट किया, “मेरी किसी भी नेता से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मेरा कोई झगड़ा है और न ही गृह मंत्री अमित शाह से। ठीक इसी तरह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मेरा कोई निजी मतभेद नहीं है। हालांकि, अपने मुद्दों, सिद्धांतों और वैचारिक लड़ाई को हम इसी तरह जारी रखेंगे।”
भविष्य में क्या होगा कोई नहीं बता सकता – संजय राउत आगे बात रखते हुए संजय राउत ने कहा, “हम एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में रहते हैं, जहां हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक दायरे में रहकर लड़ाई लड़ने का पूरा अधिकार है, और हम वही कर रहे हैं। हम 25 सालों तक साथ रहे हैं और आज भी वह जुड़ाव कायम है। अभी बीते कल की ही बात है, उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एक साथ मौजूद थे, उन्होंने साथ वक्त बिताया, खुशनुमा माहौल में बातचीत की और बेहतरीन भाषण दिए। उनके बीच का यह सौहार्द बना रहना चाहिए। आखिर 25 वर्षों का साथ कोई छोटी बात नहीं है। जहां तक आने वाले कल की बात है, तो भविष्य में क्या परिस्थितियां बनेंगी, यह कौन कह सकता है।”
राजनीति अनिश्चितताओं से भरी होती है – संजय राउत संजय राउत ने आगे कहा, “राजनीति बेहद अनिश्चित होती है और बहुमत की स्थिति तो और भी अस्थिर मानी जाती है। जनता का मन पल-पल बदलता है, अगर ऐसा न होता तो हालिया स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव के परिणाम कुछ अलग ही देखने को मिलते। आप जनता को किसी एक विचारधारा की सीमा में बांधकर नहीं रख सकते। बदलाव ही लोकतंत्र की असली पहचान है, सत्ता में कोई भी हमेशा के लिए नहीं टिका रह सकता।”
