हेल्दी और फिर शरीर के लिए अच्छा खानपान बहुत ही जरूरी है। हर कोई अपने शरीर को फिट रखने के लिए उचित आहार खाने की कोशिश करता है। जिसमें हरी पत्तेदार सब्जियां और फल, साबुत अनाज, दालें, कुछ आवश्यक मसाले और डेयरी उत्पाद शामिल हैं। लेकिन, जानकारी का अभाव, खराब आदतें और गलत तरीके से खाते हैं, जिसके चलते उनसे सही से फायदे मिलते। फिटनेस कोच दीपक धमाले ने बताया कि ऐसे कुछ फूड के बारे में बताया है, जो गलत तरीके से खाने पर सेहत कोई फायदा नहीं पहुंचाते, बल्कि कई परेशानी पैदा कर देते हैं।

एक्सपर्ट के मुताबिक, अच्छा और सही खानपान ही हमारी सेहत का ख्याल रखता है। अगर, समय रहते अपने खानपान का ध्यान दिया गया तो स्वास्थ्य के साथ-साथ शरीर पर कई बीमारियों का कब्जा हो सकता है। ऐसे में कुछ सुपरफूड्स न केवल पोषण से भरपूर हैं, बल्कि शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स (जहर) को बाहर निकालने यानी डिटॉक्स करने में भी बेहद असरदार हैं, लेकिन इनका गलत तरीका या समय से सेवन करने पर इनके फायदे कम हो सकते हैं या शरीर पर असर नहीं दिखता।

अलसी के बीज खाने से स्वास्थ्य को कई फायदे हैं। इसमें फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो वजन घटाने, हार्ट की हेल्थ में सुधार, पाचन को बढ़ावा देने के साथ-साथ त्वचा के लिए भी फायदेमंद होते हैं, लेकिन पूरा अलसी का बीज पचता नहीं है और वैसे ही बाहर गिर जाता है। इसलिए इन बीजों को हल्का कच्चा ही खाना चाहिए। भुने हुए बीज, धनिया, सौंफ, जीरा और तिल को एक साथ मिलाकर खाने से बहुत लाभ मिलता है।

हल्दी को सेहत का खजाना माना जाता है। यह विशेष पारंपरिक भारतीय मसाला है। हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो प्रतिरक्षा यानी इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं, पाचन में सुधार करते हैं और कई बीमारियों के जोखिम को कम करते हैं। हालांकि, हल्दी में मौजूद करक्यूमिन घटक को सक्रिय करने और हल्दी के गुणों को रक्त में अवशोषित करने के लिए काली मिर्च की आवश्यकता होती है। इसलिए जब भी संभव हो हल्दी का प्रयोग करते समय काली मिर्च का प्रयोग करना चाहिए।

ब्रोकली खाने के कई फायदे हैं। यह एक पौष्टिक सब्जी है, जो विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है। ब्रोकली में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करता है। ब्रोकली में फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है, जो पाचन में सुधार और कब्ज को रोकने में मदद करता है। और ब्रोकोली में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करते हैं। हालांकि, जब ब्रोकली को पकाया जाता है तो सल्फोराफेन (कैंसर से लड़ने वाला यौगिक) नष्ट हो जाते हैं। इसलिए ब्रोकली को हल्का भाप में पकाकर खाना चाहिए।

वहीं, NCBI में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, लिवर को हेल्दी रखने के लिए विटामिन ए और विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा शरीर में जरूर होनी चाहिए।