अहमदाबाद के वस्त्राल इलाके में शनिवार को अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाके के बाद आग लग गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई इनमें तीन बच्चे हैं। करीब 15 लोग घायल हुए हैं। हादसा रामोल से गतराड जाने वाले रास्ते पर महमूदपुरा टैलेंट के पास दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ। यहां से एक किलोमीटर दूर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) का कैंप है। धमाके की आवाज सुनते ही RAF जवान तुरंत घटनास्थल पहुंचे और लोगों का रेस्क्यू किया। धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज 5 किलोमीटर तक सुनाई दी। धमाके की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां और एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गईं। हादसे के समय फैक्ट्री में करीब 25 लोग काम कर रहे थे। इनमें से कुछ लोगों के बच्चे भी वहां थे। अवैध फैक्ट्री के मालिक मेहुल डोडिया को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस हादसे में मेहुल की मां रमीला डोडिया भी घायल हो गई हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। हादसे की तस्वीरें: फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही रद्द हो चुका था इलाके के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर जयपाल सिंह राठौड़ के अनुसार, रामोल-गटराड रोड पर खुले मैदान में मेहुल डोडिया नाम का व्यक्ति पटाखा फैक्ट्री चला रहा था। फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही रद्द हो चुका था, इसके बावजूद वहां पटाखे बनाए जा रहे थे। खुले मैदानों में पत्तों और तिरपाल की बाड़ लगाकर आतिशबाजी बनाई जा रही है। घायलों को एलजी अस्पताल और असरवा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। PM नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया और मृतकों के परिजन के लिए 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की मदद का ऐलान किया है। राज्य सरकार मृतकों के परिवार को 4 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की मदद देगी। हादसे से जुड़े 3 बड़े सवाल-जवाब… सवाल: लाइसेंस रद्द होने के बाद भी फैक्ट्री कैसे चल रही थी? जवाब: जॉइंट पुलिस कमिश्नर जयपाल सिंह ने बताया कि फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था। इसके बावजूद मेहुल डोडिया फैक्ट्री चला रहा था। नियम के मुताबिक, लाइसेंस रद्द होने पर प्रशासन फैक्ट्री सील करती है और वहां रखा बारूद जब्त करती है। इस मामले में सिर्फ लाइसेंस रद्द हुआ, फैक्ट्री सील नहीं की गई। सवाल: RAF कैंप के पास पटाखा फैक्ट्री, क्या ये गैरकानूनी? जवाब: गृह मंत्रालय के नियमों के मुताबिक, सैन्य या अर्धसैनिक बलों के कैंपों के आसपास बारूद या विस्फोटकों का काम होना पूरी तरह से बैन है। इसके बावजूद RAF शिविर के पास ही अवैध फैक्ट्री चल रही थी। ऐसे में देश की एक महत्वपूर्ण सुरक्षा यूनिट को नुकसान पहुंच सकता था। सवाल: पटाखा फैक्ट्रियों में तेज धमाका क्यों होता है? जवाब: पटाखों में पोटेशियम नाइट्रेट, सल्फर, चारकोल और एल्युमिनियम पाउडर जैसे ज्वलनशील रसायन होते हैं। ये गर्मी, चिंगारी या स्टैटिक बिजली से तुरंत आग पकड़ते हैं। आग लगने पर चेन रिएक्शन शुरू होता है तो कुछ ही सेकेंड में सैकड़ों पटाखे फटने लगते हैं। बारूद ज्यादा हो, तो विस्फोट घरेलू LPG सिलेंडर के धमाके से भी ज्यादा शक्तिशाली होता है। —————————————–
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जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार सुबह 11 बजे भीषण आग लग गई। अग्निकांड में एक बच्चे, दो भाइयों समेत आठ लोगों की मौत हो गई। पटाखा फैक्ट्री मकान नंबर- 88 करीम नगर-बी में रिहायशी इलाके में चल रही थी। मकान याकूब पुत्र नजीर खान निवासी- राक्ष्या की ढाणी खोह नागोरियान का है। पढ़ें पूरी खबर…