बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के मामले में चमोली पुलिस की SIT ने बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) के निलंबित पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया है। SIT ने उन्हें 12 जुलाई की रात करीब 10 बजे देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। उन्हें चमोली लाया गया, जहां बद्रीनाथ थाने में उनसे और मंदिर समिति के चार कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, SIT की टीम सादी वर्दी में देहरादून पहुंची थी। बद्रीनाथ थाने में पूछताछ के दौरान जब प्रमोद नौटियाल से पूछा गया कि क्या चढ़ावा चोरी के मामले में मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी भी शामिल हैं, तो उन्होंने सिर हिलाकर नहीं में जवाब दिया। चमोली पुलिस के अनुसार, 8 जुलाई को प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवाण की शिकायत पर बद्रीनाथ कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। SP सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर गठित SIT ने सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच की। जांच में प्रमोद नौटियाल को कई बार मोबाइल के नीचे और जेब में मंदिर की धनराशि व अन्य भेंट सामग्री ले जाते हुए पाया गया। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने ₹500 के नोट, सोना-चांदी के सिक्कों के पैकेट, शालिग्राम शिला और केसर का पैकेट भी अवैध रूप से अपने कब्जे में लिया था। मामले में 10 जुलाई को हाईकोर्ट के जस्टिस आलोक मेहरा की एकलपीठ ने प्रमोद नौटियाल की याचिका पर सुनवाई की थी। साथ ही मंदिर समिति से चढ़ावा मामले में 16 जुलाई को स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब दाखिल करने को कहा था। मामले में नेताओं और SP का बयान… तस्वीरें देखिए- प्रमोद नौटियाल से पूछे जाएंगे 10 सवाल… परिजन बोले- अपहरण किया, देहरदून में दी थी शिकायत प्रमोद नौटियाल को सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मी अपने साथ ले गए थे। काफी देर तक उनके घर नहीं लौटने पर परिजन ने देहरादून के नेहरू कॉलोनी बाईपास चौकी में शिकायत दी। शिकायत में परिजन हेमलता नौटियाल ने कहा कि कुछ लोग पूछताछ के नाम पर उन्हें अपने साथ ले गए थे और काफी देर तक कोई जानकारी नहीं मिली। परिवार ने शुरुआत में अपहरण की आशंका भी जताई थी। परिवारवालों का कहना था कि प्रमोद ने नैनीताल हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर 16 जुलाई को सुनवाई प्रस्तावित है। इसी आधार पर उन्हें इस तरह साथ ले जाने पर परिवार ने चिंता जताई थी। बाद में चमोली पुलिस ने उनकी हिरासत की पुष्टि कर दी। चमोली के एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच जारी है। जांच टीम संबंधित दस्तावेजों, अभिलेखों और अन्य सबूतों का गहन परीक्षण कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में BKTC के CEO सोहन सिंह रांगण ने कहा कि SIT टीम ने जांच के सिलसिले में उनसे कुछ दस्तावेज और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज मांगे थे, जिन्हें टीम को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच में वे पूरा सहयोग कर रहे हैं। 2 जुलाई की CCTV फुटेज से खुला मामला पूरे विवाद की शुरुआत 2 जुलाई को हुई। इसी दिन BKTC को बद्रीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की थाली भेंट की गणना के दौरान कथित अनियमितता की सूचना मिली। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सुबह करीब 9 से 9:30 बजे के बीच गणना स्थल से नियमों के विपरीत धनराशि हटाई गई। इसी दौरान की CCTV फुटेज में प्रमोद नौटियाल मोबाइल के नीचे नोटों जैसी गड्डी दबाकर ले जाते हुए दिखाई दिए। मामला सोशल मीडिया पर आने के बाद BKTC ने विभागीय जांच शुरू कर दी। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद निलंबन और FIR BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने की बात कही। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर 48 घंटे में जवाब देने का नोटिस दिया गया। इसके साथ ही BKTC के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवाण की शिकायत पर बद्रीनाथ कोतवाली में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। हाईकोर्ट पहुंचे, 16 जुलाई को सुनवाई FIR दर्ज होने के बाद प्रमोद नौटियाल ने नैनीताल हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की। मामले में 16 जुलाई को सुनवाई प्रस्तावित है। वहीं, जांच के दौरान पुलिस ने 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई की चढ़ावा गणना से जुड़ी CCTV फुटेज अपने कब्जे में ली है। सूत्रों के मुताबिक, 25 जून की फुटेज में भी प्रमोद नौटियाल नोटों जैसी गड्डी ले जाते हुए दिखाई दिए हैं। पुलिस इस फुटेज को अहम साक्ष्य मानकर जांच कर रही है। अब मंदिर परिसर में लगे 32 CCTV कैमरों की करीब 40 दिन की रिकॉर्डिंग खंगाली जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पहले भी इस तरह की कोई अनियमितता हुई थी या नहीं। प्रमोद नौटियाल का दावा- मोबाइल के नीचे नोट नहीं, नोटबुक थी प्रमोद नौटियाल ने विभागीय जांच में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि वह हमेशा अपने साथ एक नोटबुक रखते हैं। उनका दावा है कि CCTV में मोबाइल के नीचे जो वस्तु दिखाई दे रही है, वह नोटों की गड्डी नहीं, बल्कि उनकी नोटबुक थी। हालांकि घटना के बाद उनका मोबाइल बंद मिला और उन्होंने ज्योतिर्मठ कार्यालय में भी कार्यभार ग्रहण नहीं किया। कर्मचारियों ने जांच समिति को बताया कि घटना वाले दिन गणना प्रभारी प्रमोद नौटियाल ही थे और उन्होंने गणना शुरू होने या समाप्त होने की जानकारी अन्य कर्मचारियों को नहीं दी। कई कर्मचारियों और साधु-संतों से पूछताछ पुलिस ने BKTC कर्मचारियों के साथ उन साधु-संतों के भी बयान दर्ज किए हैं, जो नियमित रूप से चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में शामिल होते रहे हैं। 2 जुलाई को गणना कक्ष में प्रमोद नौटियाल समेत 12 से अधिक लोग मौजूद थे। अब सभी से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि कथित हेराफेरी में किसी और की भी भूमिका थी या नहीं। चढ़ावा गणना की पूरी व्यवस्था बदली CM ने बनाई हाई लेवल जांच समिति सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है। इसमें एनएचएम के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और स्वास्थ्य विभाग के वित्त निदेशक जगत सिंह चौहान सदस्य हैं। समिति को 15 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। इस बीच भैरव सेना ने बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी पर प्रमोद नौटियाल के माध्यम से चढ़ावे में कथित हेराफेरी कराने के आरोप लगाए हैं। —————————————————— ये खबर भी पढे़ें… बद्रीनाथ चढ़ावा विवाद- गिरफ्तारी से बचने को हाईकोर्ट पहुंचा आरोपी:कोर्ट ने मंदिर समिति से मांगा जवाब; CCTV में फोन के नीचे दबाए थे नोट बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपों के बीच बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) से निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल ने अपने निलंबन आदेश और FIR के खिलाफ उत्तराखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। (पढ़ें पूरी खबर)

बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी- मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल गिरफ्तार:पुलिस बोली- ₹500 के नोट, सोने-चांदी के सिक्के मोबाइल के नीचे छिपाकर ले जाता था
बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के मामले में चमोली पुलिस की SIT ने बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) के निलंबित पर्सनल […]