कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में घायल दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों के परिजन ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा, 20 तारीख के बाद यही नेरेटिव चलाया जा रहा है कि छात्रों को पुलिस ने पीटा, लेकिन प्रोटेस्ट का सच कुछ और ही है। हमला पुलिसवालों पर भी हुआ है। पुलिसवालों के परिजन के 3 आरोप पहला आरोप घायल पुलिसवाले की बेटी गुंजन ने कहा- प्रदर्शन में असामाजिक तत्व भी थे मेरे पिता जंतर-मंतर पर बैरिकेड के पास तैनात थे। वे अक्सर कहते थे कि यह अब सिर्फ छात्रों का प्रदर्शन नहीं रहा, इसमें असामाजिक तत्व भी शामिल हो गए हैं। 20 जुलाई को रात 10 बजे मेरे पिताजी को उनके साथी घर लेकर आए। उनकी वर्दी खून से लथपथ थी। हिंसक भीड़ ने उन्हें घसीटा और जंतर-मंतर मंच के पास पीट-पीटकर मारने की कोशिश की थी। वे करीब चार घंटे तक RML अस्पताल में बेहोश रहे, फिर भी सोशल मीडिया पर उन्हें ही क्रिमिनल बताया गया। दूसरा आरोप घायल ASI की पत्नी सीमा बोलीं- शरारती तत्वों ने पुलिस पर पथराव किया 20 जुलाई शाम 7 बजे पति को कॉल किया, तो वो हॉस्पिटल में इलाज करा रहे थे। भीड़ में मौजूद शरारती तत्वों ने पत्थर और हथियारों से पुलिस जवानों को घायल कर दिया था। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया। रात 11 बजे जब पति घर आए, तो उन्होंने बताया कि संसद की सुरक्षा के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ा गया और पुलिस फोर्स पर हमला किया गया। ड्यूटी के दौरान उन्हें मिला हेलमेट पूरी तरह टूट चुका था। तीसरा आरोप घायल ASI का बेटा लक्ष्य सिंह बिष्ट ने कहा- प्रदर्शन में उपद्रवी भी थे मेरे पिता ASI हैं। उन्हें बहादुरी के लिए 4 सम्मान मिल चुके हैं। मेरे दादाजी भी BSF में थे। 1971 की जंग लड़ चुके हैं। जंतर-मंतर प्रदर्शन में पिता फ्रंटलाइन पर तैनात थे। उनके साथी से पता चला कि उनके सिर में गंभीर चोट लगी है। जब उनकी तस्वीर देखी तो सिर मुंडा हुआ था और चार टांके लगे थे। मैं डर गया था। पिता ने बताया कि प्रदर्शन में सिर्फ छात्र नहीं थे, बल्कि हिंसक और उपद्रवी लोग भी शामिल थे। संसद मार्च हिंसा में घायल पुलिसकर्मियों की तस्वीरें… CJP का आरोप- लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट्स गन चलाई CJP ने आरोप लगाया था कि 20 जुलाई के 'संसद चलो' मार्च में और उसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट्स गन का इस्तेमाल किया। पार्टी ने कई छात्रों के घायल होने का दावा करते हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। राहुल ने पैलेट गन चलाने के आरोप लगाए थे राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि संसद मार्च के दौरान छात्रों के साथ बर्बरता की गई। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाई गई, शॉक बैटन का इस्तेमाल हुआ और कील लगी लाठियों से छात्रों को पीटा गया। सरकार बोली- शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं की केंद्र सरकार ने कहा था कि पुलिस ने किसी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी के खिलाफ बल प्रयोग नहीं किया। कार्रवाई केवल उन लोगों के खिलाफ की गई, जिन्होंने बैरिकेड तोड़ने और सुरक्षा घेरा पार करने की कोशिश की। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने छात्रों पर बर्बरता के आरोपों को गलत बताया और कहा कि प्रदर्शनकारियों पर कोई गोली नहीं चलाई गई। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए उन्हें वापस लेने की मांग की। कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन 49 दिन चला दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन 6 जून को शुरू हुआ था। शुरुआत में आंदोलन की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की थी। बाद में यह आंदोलन देशभर में फैला और 20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस-प्रदर्शनकारियों की झड़प के बाद और तेज हो गया था। इसके बाद आरोप लगा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिससे लाठीचार्ज किया गया। 25 जुलाई 2026 को सरकार ने मांगें मान ली थीं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने 49 दिन से चल रहा जंतर-मंतर का धरना समाप्त खत्म कर दिया। ============== ये खबर भी पढ़ें राहुल बोले- छात्रों पर दिल्ली में पैलेट गन चली, नुकीली लाठियां मारी गईं राहुल गांधी ने 29 जुलाई को कहा, ‘आज मुझे लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया। नेता प्रतिपक्ष के रूप में मेरा कर्तव्य है कि देश के मुद्दे उठाऊं। संसद से 500 मीटर तक देश के छात्रों को पीटा गया। छात्रों पर पैलेट गन चलाई गईं। एक छात्र की आंख की रोशनी चली गई। मैंने मेडिकल सर्टिफिकेट में यह देखा। छात्रों पर कील लगी लाठियां चलाई गईं।' पढ़ें पूरी खबर