राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे लगातार दूसरे साल लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए। 2025 में भी दोनों ने हिस्सा नहीं लिया था। इस पर भाजपा ने कहा कि राहुल नेता प्रतिपक्ष बनने के लायक नहीं हैं। उनकी सोच दिमागी नक्सल जैसी है। रक्षा मंत्रालय ने राहुल और खड़गे को स्वतंत्रता दिवस समारोह का औपचारिक निमंत्रण भेजा था। हालांकि, दोनों कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इसके पीछे 2024 का विवाद बताया जा रहा है। उस समय कांग्रेस ने राहुल की सीटिंग व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई थी। कांग्रेस बोली- भाजपा को हर चीज में अपमान दिखता है 2024 में पीछे की लाइन में बैठाने पर हुआ था विवाद 2014 के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद खाली था, क्योंकि किसी पार्टी के पास जरूरी 55 सीटें नहीं थीं। 2014 में कांग्रेस को 44 और 2019 में 52 सीटें मिली थीं। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 99 सीटें जीतीं। इसके बाद राहुल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बने थे। इस साल लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में उन्हें 5वीं पंक्ति में बैठाया गया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि सरकार ने राहुल को पीछे की सीट देकर नेता प्रतिपक्ष के पद का अपमान किया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि समारोह में पहुंचे ओलंपिक खिलाड़ियों को विशेष सम्मान देने और आगे बैठाने के कारण क्रम में बदलाव करना पड़ा था। कैबिनेट मंत्री के साथ बैठते हैं विपक्ष के नेता रक्षा मंत्रालय के मुताबिक स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष के बैठने की जगह 'टेबल ऑफ प्रेसिडेंस' (ToP) के नियमों के आधार पर तय की जाती है। राष्ट्रपति सचिवालय के नियमों के मुताबिक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की रैंक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समकक्ष होती है और बैठने की व्यवस्था इसी के हिसाब से की जाती है। कांग्रेस ने दिमागी नक्सल को खोखला बताया PM मोदी के देश की तरक्की के लिए खतरा दिमागी नक्सल की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करने की अपील की। कांग्रेस ने मोदी के बयान पर कहा कि दिमागी नक्सल खोखला है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पहले जाति जनगणना की मांग को अर्बन नक्सल सोच बताकर खारिज किया गया था, लेकिन एक साल पहले जाति आधारित जनगणना की घोषणा कर दी गई। उन्होंने कहा कि पहले विरोधियों की मांगों को अपमानजनक नाम दिए जाते हैं, फिर बाद में उन्हीं मांगों को मान लिया जाता है। 12 साल बाद भी उनके राजनीतिक भाषण में कुछ नया नहीं था। स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 1. मोदी बोले- दिमागी नक्सलियों को पहचानें, उन्हें अलग करें, ये समाज को भटका रहे, महिलाओं के आरक्षण पर पार्टियां राजनीति न करें 2. मोदी ने बांधनी पैटर्न की लाल राजस्थानी पगड़ी पहनी, 13 साल में लाल किले पर हर बार अलग अंदाज, 5 बार केसरिया पगड़ी बांधी 3. भागवत बोले- युवाओं को दिशा मिले तो देश को फायदा, अगर ऐसा नहीं हुआ तो भविष्य में समाज पर बोझ बढ़ सकता है