हिमाचल प्रदेश के चंबा और लाहौल स्पीति में आज (सोमवार को) दोपहर बाद चार जगह बादल फटने से अफरा-तफरी मच गई। चंबा के उदीन और थांदल क्षेत्रों में बादल फटने के बाद नालों में अचानक बाढ़ आ गई। उदीन नाले अचानक वाटर लेवल बढ़ने से 11 श्रमिक फंस गए। जिन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। चंबा के ही होली क्षेत्र में फ्लैश फ्लड के बाद कलाह नाले के किनारे काम कर रहे तीन मजदूर फंस गए। स्थानीय लोगों की कड़ी मशक्कत और नाले का वाटर लेवल कम होने के बाद तीनों मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं लाहौल-स्पीति में खांगसर और शूगू गांव के पास बादल फटने से नाले में अचानक बाढ़ आ गई। इससे स्थानीय लोगों की फसलों, कृषि भूमि और रास्तों को भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और टूरिस्टों को नदी नालों से दूर रहने की सलाह दी है। आज और कल भारी बारिश का रेड अलर्ट राज्य के अन्य भागों में भी सुबह से ही बारिश हो रही है। मौसम विभाग (IMD) ने चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में आज भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी कर रखा है। अगले कल इन इन चार जिलों के अलावा कुल्लू में रेड अलर्ट की चेतावनी दे रखी है। इस दौरान निचले इलाकों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी दी गई है। IMD के मुताबिक 22 जुलाई सुबह 8 बजे तक इन जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान लैंडस्लाइड, फ्लैश फ्लड और निचले इलाकों में जल भराव हो सकता है। इसे देखते हुए सावधानी बरतने की एडवाइजरी जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने, गैर-जरूरी यात्राएं टालने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। सरकार ने नदी से 500 मीटर और नालों से 200 मीटर दूर बने घरों को खाली करने को कहा है। 22 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी 22 जुलाई को मौसम में कुछ राहत मिलने के संकेत हैं। इस दिन चंबा और मंडी जिलों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जबकि कांगड़ा, कुल्लू और शिमला जिलों में यलो अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है। चार जिलों में आज सभी शिक्षण संस्थान बंद भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और चंबा में जिला प्रशासन ने आज सभी सरकारी व प्राइवेट शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित है। कांगड़ा और मंडी जिला में कल भी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। मानसून सीजन में नॉर्मल से 16% कम बारिश इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से 16 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। एक जून से 19 जुलाई तक सामान्य तौर पर 247.1 मिमी वर्षा होती है, जबकि इस बार केवल 207.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। जिला स्तर पर हमीरपुर में 47 प्रतिशत, लाहौल-स्पीति में 46 प्रतिशत, बिलासपुर में 31 प्रतिशत, मंडी में 29 प्रतिशत और कांगड़ा में 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों के दौरान कई क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण जलभराव, नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन जैसी घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान हुई बारिश के बाद कई शहरों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। चंबा के अधिकतम तापमान में नॉर्मल की तुलना में सबसे ज्यादा 7.6 डिग्री की कमी आई है।