आज जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के आज 7 साल पूरे हो गए। 2019 में 5 अगस्त के ही दिन राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद आर्टिकल 370 और 35A हटा दिया गया था। 7 साल बीतने के बावजूद कश्मीर के अलगाववादी संगठन इसे मुद्दा बनाए हुए हैं। पीडीपी पार्टी चीफ महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कैंडिल मार्च निकाला, साथ ही लोगों से 5 अगस्त को विरोध दर्ज करने की अपील की है। महबूबा की इस अपील और हाल ही में हुई आतंकी घटनाओं को देखते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक पब्लिक एडवाइजरी जारी की है। इसमें बिना अनुमति के किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन या जुलूस निकालने पर रोक लगा दी गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा बलों ने सीमा पर बसे गांवों और संवेदनशील इलाकों में देर रात तक फ्लैग मार्च किया। LoC पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। मंगलवार को हुए प्रदर्शन की 2 तस्वीरें… पुलिस की अपील- शांति रखें, संदिग्धों की खबर दें कश्मीर पुलिस ने एडवाइजरी में कहा है कि शांति, सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने सभी नागरिकों से कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ सहयोग करने की अपील की है। साथ ही, लोगों से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने, अफवाहें फैलाने से बचने को कहा गया है। पुलिस ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें। महबूबा पर कार्रवाई करने का विचार कर रहे अधिकारी इधर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी अब PDP प्रमुख के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं। दरअसल, राष्ट्रीय ध्वज को गलत तरीके से प्रदर्शित करना जैसे कि रंगों का क्रम उल्टा होना, गलत अनुपता, क्षतिग्रस्त कपड़ा होना… ये सभी 'फ्लैग कोड ऑफ इंडिया' (ध्वज संहिता) का उल्लंघन है। नियमों के अनुसार, सबसे ऊपरी पट्टी हमेशा केसरिया होनी चाहिए, बीच की सफेद पट्टी पर 24 तीलियों वाला गहरा नीला अशोक चक्र हो, और सबसे निचली पट्टी हरी की होनी चाहिए। पहले देखिए सिक्योरिटी की 4 तस्वीरें… 2019 में आर्टिकल 370 हटाया, 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आदेश वैध था केंद्र ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से 370 हटा दिया था। इसके 4 साल, 4 महीने और 6 दिन बाद सुप्रीम कोर्ट ने 476 पेज का फैसला सुनाया। 11 दिसंबर 2023 को 5 जजों की संविधान पीठ ने कहा था, 'हम आर्टिकल 370 को निरस्त करने के लिए जारी राष्ट्रपति के आदेश को वैध मानते हैं। हम लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के फैसले की वैधता को भी बरकरार रखते हैं। आर्टिकल 370 अस्थायी प्रावधान था। संविधान के अनुच्छेद 1 और 370 से स्पष्ट है कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। भारतीय संविधान के सभी प्रावधान वहां लागू हो सकते हैं।'

आर्टिकल 370 हटने के 7 साल, जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बढ़ी:अमरनाथ यात्रा रोकी गई, बिना परमिशन रैली-धरने पर रोक; विपक्ष आज ब्लैक डे मना रहा
आज जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के आज 7 साल पूरे हो गए। 2019 में 5 अगस्त के ही […]