दिन में  6 से 8 बार पेशाब करना सामान्य माना जाता है। कुछ लोग ज्यादा पानी पीते हैं तो उन्हें 8–10 बार यूरिन आए तो उसे भी सामान्य माना जा सकता है। यूरिन डिस्चार्ज ज्यादा होने के लिए कई कारण जिम्मेदार होते हैं जैसे पानी या तरल पदार्थ का ज्यादा सेवन करना, कैफीन या अल्कोहल का सेवन, कुछ दवाओं का सेवन,उम्र बढ़ने पर बार-बार पेशाब आ सकता है। कुछ फूड्स मूत्रवर्धक होते हैं जो पेशाब ज़्यादा लाते हैं। कुछ बीमारियों जैसे डायबिटीज़, यूटीआई या प्रोस्टेट की समस्या में भी पेशाब ज्यादा आता है।

ब्लैडर में समस्या होने के लिए ओवरएक्टिव ब्लैडर,मूत्र संक्रमण (UTI),मूत्राशय की कमजोरी या सिकुड़न,नर्व सिस्टम की समस्या और पुरुषों में प्रोस्टेट का बढ़ना  जिम्मेदार हो सकता है। कुछ लोग ऐसे है जिन्हें यूरीन पर कंट्रोल नहीं होता, चाहे वो सो रहे हो या फिर जागे हो उन्हें तुरंत यूरीन डिस्चार्ज करने भागना पड़ता है। तुरंत पेशाब करने के लिए भागना ओवरएक्टिव ब्लैडर की वजह से होता है। ये एक ऐसी मेडिकल कंडीशन है जिसका इलाज संभव है।

एक्सेल एडवांस यूरोलॉजी सेंटर नई दिल्ली में डायरेक्टर एंड फाउंडर,सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोलॉजी एंड एंडोस्कोपी में डॉक्टर आशीष सैनी ने बताया अर्जेंसी इंकॉन्टीनेंस ओवर एक्टिव ब्लैडर का प्रमुख कारण है। इस बीमारी का पता लगाने के लिए यूटीआई को देखना जरूरी है। दूसरा ये जानना भी जरूरी होता है कि मरीज ने कितने फ्लूड का सेवन कब कब किया और कितना यूरिन डिस्चार्ज किया। ब्लैडर की अल्ट्रासाउंड करके भी ओवर एक्टिव ब्लैडर का पता लगाया जा सकता है। पुरुषों में प्रोस्टेट की समस्या होती है तो उनके लिए PSA टेस्ट करते हैं।  

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