चंडीगढ़ के रामदरबार फेज-2 में शनिवार को 12वीं के छात्र ने घर में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना के समय उसके माता-पिता ड्यूटी पर गए हुए थे। जब वह घर लौटे तो बेटा फंदे पर लटका मिला। मृतक की पहचान शिवांश वर्मा (18) के नाम से हुई। पिता रविकांत वर्मा ने बताया कि वह और उनकी पत्नी एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। सुबह शिवांश ने अपनी मां से पास्ता बनाने की जिद की। मां ने उसकी पसंद का पास्ता बनाकर उसे खिलाया। इसके बाद दोनों पति-पत्नी रोज की तरह अपनी ड्यूटी पर चले गए। उस समय शिवांश घर पर अकेला था। उस समय शिवांश सामान्य व्यवहार कर रहा था। स्कूल में उसके एक टेस्ट में अंक कम आए थे और उसने एक अन्य टेस्ट नहीं दिया था। उसने किसी तरह की परेशानी या तनाव की बात भी साझा नहीं की थी। इसलिए किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। मां लौटी तो दरवाजा नहीं खुला पिता ने कहा कि दोपहर करीब 1 बजे शिवांश की मां किसी काम से घर लौटी। उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। काफी देर तक आवाज लगाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने पड़ोसियों को बुलाया। इसके बाद पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। अंदर का सीन देखकर सभी के होश उड़ गए। शिवांश कमरे में फंदे से लटका हुआ था। परिवार और पड़ोसियों ने तुरंत उसे नीचे उतारा और इलाज के लिए सेक्टर-32 स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच-32) ले गए। पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद शिवांश को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल में रखवा दिया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और कमरे की तलाशी ली, लेकिन वहां से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। फिलहाल पुलिस परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि अभी आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। एक दिन पहले हुई स्कूल में PTM परिजनों ने बताया कि घटना से एक दिन पहले शुक्रवार को स्कूल में पेरेंट्स-टीचर मीटिंग (पीटीएम) हुई थी। इस दौरान शिक्षकों ने बताया था कि शिवांश के एक टेस्ट में अंक कम आए थे और उसने एक अन्य टेस्ट नहीं दिया था। शिक्षकों ने उसे पढ़ाई पर ध्यान देने और अगले टेस्ट की अच्छी तैयारी करने की सलाह दी थी। साथ ही यह भी कहा था कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है और मेहनत से अच्छे अंक हासिल किए जा सकते हैं। पिता बोले- कभी नहीं लगा कि बेटा तनाव में था शिवांश के पिता रविकांत वर्मा ने बताया कि उन्हें कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि उनका बेटा किसी मानसिक तनाव या परेशानी से गुजर रहा है। वह परिवार के साथ सामान्य व्यवहार करता था और उसने कभी किसी बात की शिकायत नहीं की। शिवांश की एक बड़ी बहन भी है, जो कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। ************** ये खबर भी पढ़ें: चंडीगढ़ में वकील ने महिला को गोली मारी: मकान का कब्जा लेने पहुंची थी, लाइसेंसी दुनाली से पुलिस के सामने बालकनी से फायरिंग की चंडीगढ़ में शनिवार दोपहर करीब 1 बजे सेक्टर-42 स्थित गर्ल्स कॉलेज के सामने एक महिला पर गोली चला दी गई। गोली महिला के सिर में लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ी। घटना उस समय हुई, जब महिला कोर्ट के आदेश पर अपने मकान का कब्जा लेने पहुंची थी। (पढ़ें पूरी खबर)

टेस्ट में नंबर कम आए, छात्र ने सुसाइड किया:चंडीगढ़ में पास्ता खाने की जिद की, मां-पिता के ड्यूटी जाते ही फंदा लगाया
चंडीगढ़ के रामदरबार फेज-2 में शनिवार को 12वीं के छात्र ने घर में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना के […]