मूंग की 100% सरकारी खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर भोपाल पहुंचे करीब 2 हजार किसान मंगलवार रात होशंगाबाद रोड पर डटे रहे। किसान प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच देर रात एक घंटे तक चली बैठक बेनतीजा रही। किसानों ने सरकार का एक सप्ताह का समय देने का प्रस्ताव ठुकराते हुए बुधवार सुबह मुख्यमंत्री आवास घेरने का ऐलान किया है। आंदोलन के चलते नर्मदापुरम रोड पर ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा, जबकि होशंगाबाद रोड, एम्स, बंसल प्लाजा और कटारा हिल्स रोड पर जाम की स्थिति बनी रही। किसान बोले- सरकार की बातें नामंजूर संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य और किसान स्वराज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह जाट ने कहा कि प्रशासन ने आंदोलन खत्म कर एक सप्ताह का समय देने का प्रस्ताव रखा, लेकिन किसानों ने इसे नामंजूर कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक 100% मूंग खरीदी और ई-टोकन व्यवस्था खत्म करने का फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। किसान नेताओं ने कहा कि उन्हें कई बार मुख्यमंत्री से मुलाकात का भरोसा दिया गया, लेकिन अब तक मुलाकात नहीं हुई। उनका कहना है कि वे बुधवार सुबह मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकलेंगे। किसान आंदोलन के चलते ट्रैफिक डायवर्ट किसानों के धरना प्रदर्शन के चलते पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्जन किया है। आरआरएल तिराहा ब्रिज के उतार से नर्मदापुरम मार्ग पर यातायात प्रभावित है। वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक रूट जारी किए गए हैं। होशंगाबाद रोड, एम्स, कटारा हिल्स में जाम किसान आंदोलन के चलते भोपाल में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रही। होशंगाबाद रोड, एम्स, बंसल प्लाजा और कटारा हिल्स रोड समेत कई जगह जाम की स्थिति बनी रही। 11 मील से ट्रैफिक डायवर्ट किए जाने के कारण कटारा हिल्स रोड पर करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहे और बड़ी संख्या में लोग परेशान हुए। किसानों को रोकने वाटर कैनन लगाई, बीच सड़क बसें खड़ी कीं मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे किसानों को पुलिस ने वीर सावरकर सेतु से पहले CSIR-AMPRI के सामने रोक दिया। पुलिस ने वाटर कैनन तैनात कर कई बसें बीच सड़क पर खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया। एडिशनल एसपी अनिल शर्मा ने कहा कि किसानों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और यह किसानों का आखिरी पॉइंट तय किया गया है। पुलिस और किसान आमने-सामने रहे, लेकिन आंदोलन शांतिपूर्ण बना रहा। देखिए तस्वीरें 11 मील पर बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े थे किसान इससे पहले 11 मील बायपास पर पुलिस और किसानों के बीच बैरिकेडिंग को लेकर धक्का-मुक्की हुई थी। किसान बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ गए और फिर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करते हुए भोपाल पहुंचे। 7 दिन का राशन-पानी लेकर पहुंचे किसान भोपाल कूच में शामिल किसान लंबी लड़ाई की तैयारी के साथ पहुंचे हैं। वे ट्रैक्टर-ट्रॉली में सात दिन का राशन और पानी लेकर आए हैं। कई किसान दाल-बाटी भी बनाकर साथ लाए हैं। किसानों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। हाथों में तिरंगा, लगाए 'जय जवान-जय किसान' के नारे भोपाल में प्रवेश के बाद किसान हाथों में तिरंगा लेकर आगे बढ़े। इस दौरान वे लगातार 'जय जवान-जय किसान' के नारे लगाते रहे। किसानों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों का काफिला भी शहर में आगे बढ़ता रहा। 19 किसान संगठन आंदोलन में शामिल संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में प्रदेश के 19 किसान संगठन इस आंदोलन में शामिल हैं। सोमवार को बरखेड़ा से शुरू हुई किसान क्रांति पैदल यात्रा मंगलवार को औबेदुल्लागंज, मंडीदीप और 11 मील होते हुए भोपाल पहुंची। रास्ते में कई जगह पुलिस ने किसानों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसान बैरिकेडिंग हटाते हुए आगे बढ़ते रहे। किसान नेताओं ने सरकार को घेरा देश का पेट भर रहे हैं, क्या गुनाह कर रहे हैं हम? भोपाल कूच के दौरान किसान नेताओं ने सरकार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसान कोई अपराध नहीं कर रहे हैं, बल्कि देश का पेट भर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद पदाधिकारियों को डिटेन किया गया और जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए। किसान नेताओं ने मूंग खरीदी और MSP का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसानों की पूरी मूंग नहीं खरीदी जा रही। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संसद में MSP थी, है और रहेगी कहा गया, तो किसानों को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा। 'दिल्ली में छोटे-छोटे कॉकरोच देखे, अब उनके बाप भोपाल आए हैं'
भोपाल कूच के दौरान किसान नेता ने कहा, "दिल्ली में छोटे-छोटे कॉकरोच उन्होंने देख लिए, अब उनके बाप कॉकरोच भोपाल में आए हैं, अब देखिएगा क्या होगा भोपाल में।" उन्होंने कहा कि किसान कोई गुनाह नहीं कर रहे हैं और शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद पदाधिकारियों को डिटेन करने व बैरिकेड लगाने पर सवाल उठाए। सीएम ने अफसरों और कृषि मंत्री के साथ की बैठक
किसान आंदोलन को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम हाउस में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, मुख्य सचिव समेत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में आंदोलन की स्थिति और किसानों की मांगों पर चर्चा की गई। कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मूंग खरीदी का कोटा बढ़ाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को तीसरा पत्र भेजा है। सरकार ने केंद्र से कुल उत्पादन का 40% यानी 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी की अनुमति मांगी है। हाईकोर्ट ने ऑनलाइन खाद वितरण व्यवस्था को सही ठहराया किसान आंदोलन के बीच जबलपुर हाईकोर्ट ने कृषि आदान विक्रेता संघ की याचिका खारिज करते हुए मध्यप्रदेश में ई-विकास (उर्वरक वितरण) प्रणाली के तहत ऑनलाइन खाद वितरण व्यवस्था को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी और उर्वरकों के गैर-कृषि उपयोग को रोकने के लिए लागू यह केंद्र सरकार का नीतिगत फैसला है, जिसमें सीमित परिस्थितियों में ही न्यायिक दखल दिया जा सकता है। लाइव ब्लॉग के मिनट टु मिनट अपडेट के लिए यहां से गुजर जाइए…

भोपाल में बीच सड़क पर डटे हजारों किसान:प्रशासन से बैठक बेनतीजा; सुबह CM हाउस घेरने निकलेंगे, नर्मदापुरम रोड पर ट्रैफिक डायवर्ट, कई जगह लगा जाम
मूंग की 100% सरकारी खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर भोपाल पहुंचे करीब 2 हजार […]
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