नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में 47 मिनट बात की। उन्होंने कहा, 'सिस्टम ने युवाओं को चक्रव्यूह में फंसा दिया है। इनसे कहा जाता है कि आपको जितनी रील बनाना है, बनाओ। मजदूरी करो। 21वीं सदी का नशा लो, लेकिन नौकरी नहीं मिल सकती है।' उन्होंने कहा, ‘परिवारों से लाखों करोड़ रुपए लिए जाते हैं और बदले में BA-MA की डिग्री मिलती है, लेकिन यह सर्टिफिकेट रोजगार की गारंटी नहीं देता। आज हजार में से सिर्फ 12 युवाओं को परमानेंट नौकरी मिल रही है।’ राहुल ने इस दौरान मंच पर 7 से ज्यादा छात्र-छात्राओं से बात की। उनसे शिक्षा, रोजगार से जुड़े सवाल किए। उनके साथ प्रियंका गांधी की बेटी मिराया भी मौजूद थीं। इस कार्यक्रम में यूपी के 23 जिलों से छात्रों को बुलाया गया था। राहुल ने कार्यक्रम में 3 तस्वीरें दिखाईं, तीनों के मायने बताए 1. जितनी रील देखना है, देखो राहुल ने कहा कि सिस्टम ने युवाओं को चक्रव्यूह में फंसा दिया है। लाखों-करोड़ों की फीस के बाद एक सर्टिफिकेट मिलता है, जिसकी आज कोई वैल्यू नहीं है। क्योंकि यह सर्टिफिकेट रोजगार नहीं देता है। युवाओं से कहा जाता है कि आपको जितनी रील बनाना है, बनाओ। जितनी रील देखना है, देखो। ब्लिंकइट, उबर में काम करो। मजदूरी करो। 21वीं सदी का नशा लो, लेकिन नौकरी नहीं मिल सकती है। 2. युवाओं के लिए 5 दरवाजे थे, सारे बंद राहुल ने कहा कि युवाओं के लिए पांच दरवाजे थे, वो सारे बंद कर दिए गए हैं। पहला: दुनिया में आज मेड इन चाइना, मेड इन वियतनाम, मेड इन बांग्लादेश मिलेगा, लेकिन मेड इन इंडिया नहीं मिलेगा। क्योंकि नोटबंदी और गलत GST ने मैन्यूफैक्चरिंग सिस्टम को खत्म कर दिया है। दूसरा: स्टार्टअप इंडिया कहां चला गया। हिंदुस्तान के बैंक आपको एक रुपया नही देंगे, अंबानी-अडाणी को लाखों करोड रुपए देंगे। छोटे व्यापारियों को बैंक लोन नहीं मिलता। तीसरा: सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले 150 कैंडिडेंट्स में से सिर्फ 1 युवा को सरकारी नौकरी मिलती है। चौथा: पब्लिक सेक्टर को प्राइवेट करने से नौकरी खत्म हो गईं। 2014 से पहले जिन पब्लिक सेक्टर में 14 लाख जॉब थी, 2026 में सिर्फ 7 लाख बचीं। पांचवा: कॉर्पोरेट जॉब में AI की वजह से नौकरी खत्म हो गई हैं। 3. पूजीपतियों की दौलत 30 गुना बढ़ी गौतम अडाणी की दौलत 10 साल में 30 गुना तक बढ़ गई है। भाजपा की दौलत 150 करोड़ से बढ़कर 10,000 करोड़ रुपए हो गई है। इसके अलावा हर संस्था में RSS के प्रचारक रखे जा रहे हैं, ताकि सोच को कंट्रोल किया जा सके। जैसे- यूनिवर्सिटी, मीडिया, ज्यूडिशरी और फोर्सेज में। राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम का पल-पल अपडेट नीचे लगे ब्लॉग से जानिए…