झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों से सरकार सोमवार को बात करेगी। आज चौथे दौर की बातचीत है। इसके पहले 2 मीटिंग बेनतीजा रही, जबकि तीसरी वार्ता के बाद सरकार ने कुछ मांगे मान ली थी। छात्र JPSC-JSSC परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग पर अड़े हैं। इसी बीच सोमवार को CID की टीम JSSC कार्यालय पहुंची और सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ शुरू की। टीम परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर छात्रों से स्वयं मिलने की अपील की है। 15 दिनों से अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार बातचीत के जरिए छात्रों को संतुष्ट करेगी, लेकिन मांगें नहीं मानी गईं तो संघर्ष जारी रहेगा। राहुल गांधी ने हेमंत सोरेन को लिखी चिट्ठी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने झारखंड सीएम को लेटर लिखा है। जिसमें लिखा- कांग्रेस पार्टी का मानना ​​है कि भारत के संविधान में दिया गया शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार हमारे लोकतंत्र के मुख्य स्तंभों में से एक है। इसलिए, हमने पिछले कुछ महीनों में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध कर रहे छात्रों को अपना पूरा समर्थन दिया है। मैं यह सुझाव देने के लिए लिख रहा हूं कि आप व्यक्तिगत रूप से विरोध कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से मिलें। इससे उनकी बाकी चिंताओं को दूर करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मज़बूत करने में मदद मिलेगी।
भारत के युवा ही इसका भविष्य हैं। संकट की इस घड़ी में हमें उनके साथ एकजुटता दिखानी चाहिए और उनका समर्थन करना चाहिए। कृपया उनकी बात सुनने और इस मुद्दे के समाधान के लिए उचित कदम उठाने की पूरी कोशिश करें। राहुल की चिट्ठी पर बीजेपी ने उठाए सवाल BJP ने राहुल गांधी की चिट्ठी पर सवाल उठाए हैं। भाजपा नेता अमित मालवीय ने लेटर को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। लिखा- ये लेटर सिर्फ़ नसीहत देने वाला ही नहीं, बल्कि अपमानजनक भी है। लेटर लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए मुख्यमंत्री से की गई किसी गुज़ारिश जैसा कम और किसी सहयोगी को खुद से तय किए गए अधिकार के तहत दिए गए निर्देश जैसा ज़्यादा लगता है। अगर राहुल गांधी सच में विरोध कर रहे छात्रों को लेकर चिंतित हैं, तो वे खुद रांची क्यों नहीं गए? दिल्ली से रांची की डायरेक्ट फ्लाइट है। जब वे छात्रों से मिल सकते थे, उनकी शिकायतें सुन सकते थे और मुख्यमंत्री से आमने-सामने बात कर सकते थे, तो दिल्ली में आराम से बैठकर निर्देश क्यों लिखे?
छात्रों के आंदोलन से जुड़ी तस्वीरें… छात्रों की मांग गंभीरता से ले सरकार हजारीबाग से आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रूपेश कुमार ने कहा, 'सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए। CBI जांच होने पर सरकार के कई लोगों की भूमिका सामने आ सकती है, इसी वजह से जांच से बचने की कोशिश की जा रही है। वे लंबे समय से सड़क पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे हैं। अब सरकार की ओर से सकारात्मक पहल का इंतजार है।' छात्र आंदोलन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….