पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में कथित असंतोष और बगावत की खबरों के बीच पार्टी सांसदों ने बागी नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बागी सांसदों पर तीखे आरोप लगाए और इस पूरे घटनाक्रम के पीछे भाजपा की भूमिका होने का दावा किया।
प्रेस वार्ता के दौरान टीएमसी नेताओं ने बागी सांसदों को ‘गद्दार’ करार देते हुए कहा कि वे पार्टी की विचारधारा से भटक गए हैं। वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि कुछ नेता सत्ता और उससे मिलने वाली सुविधाओं के मोह में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को सरकारी आवास, वाहन और सुरक्षा जैसी सुविधाओं की आदत पड़ चुकी है, इसलिए वे सत्ता से दूर नहीं रह सकते।
इस्तीफा देकर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की चुनौती
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि पार्टी के सभी सांसद ‘मां, माटी और मानुष’ के सिद्धांतों के आधार पर जनता द्वारा चुने गए हैं। उन्होंने बागी सांसदों से सवाल किया कि यदि उन्हें पार्टी से शिकायतें थीं तो उन्होंने चुनाव से पहले उन्हें सार्वजनिक क्यों नहीं किया।
कीर्ति आजाद ने कहा कि राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने असहमति जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया था, जो राजनीतिक नैतिकता का उदाहरण है। उन्होंने बागी सांसदों को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें भी नैतिकता है तो वे अपने पदों से इस्तीफा दें और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर जनता का समर्थन हासिल करें।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन कार्यकर्ताओं ने दिन-रात मेहनत कर उन्हें चुनाव जिताया, क्या वे उन कार्यकर्ताओं का सामना कर पाएंगे यदि भविष्य में उन्हें भाजपा समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़े। साथ ही उन्होंने बागी नेताओं द्वारा किए जा रहे संख्या बल के दावों पर भी सवाल उठाए और कहा कि अब तक किसी ने स्पष्ट रूप से अपना समर्थन आधार नहीं बताया है।
‘मेरे साथ मां, माटी और मानुष है’
कल्याण बनर्जी ने कहा कि भाजपा के साथ केंद्र सरकार की ताकत, जांच एजेंसियां और सत्ता का प्रभाव हो सकता है, लेकिन उनके साथ पश्चिम बंगाल की जनता, पार्टी कार्यकर्ता और ‘मां, माटी और मानुष’ की विचारधारा खड़ी है।
उन्होंने टीएमसी सांसद काकोली घोष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि उन्होंने वास्तव में सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है, तो वे अभी भी मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) की भूमिका में कैसे बनी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व के इशारे पर हो रहा है तथा यह सीधे तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों की श्रेणी में आता है।
भाजपा में शामिल होने का आरोप
कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि कुछ बागी सांसद भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि जिन सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की और जिन बैठकों में पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी मौजूद रहे, उससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि वे भाजपा के करीब जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने ममता बनर्जी के नेतृत्व को छोड़कर नरेंद्र मोदी को अपना राजनीतिक नेता मान लिया है। साथ ही उन्होंने बागी सांसदों को अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में जाकर टीएमसी कार्यकर्ताओं और जनता का सामना करने की चुनौती भी दी।
