IPL के संस्थापक ललित मोदी 16 साल बाद भारत लौटने की तैयारी में हैं। एक अपीलीय ट्रिब्यूनल ने 16 जुलाई को IPL 2009 के दक्षिण अफ्रीका आयोजन से जुड़े FEMA मामले में फैसला सुनाया था। इसमें
मोदी को राहत देते हुए ED के लगाए गए जुर्माने को रद्द कर दिया था। फैसले के बाद ललित मोदी ने कहा कि अब उनकी भारत वापसी का रास्ता साफ हो गया है और वह इस साल के आखिर या अगले साल की शुरुआत में भारत लौट सकते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी अक्टूबर में बच्चे को जन्म देने वाली है, जिसके बाद वह भारत आने की योजना बना रहे हैं।
भारत से दक्षिण अफ्रीका पैसे भेजने का मामला था यह मामला 2009 में IPL को भारत से दक्षिण अफ्रीका ले जाने से जुड़ा है। उस समय लोकसभा चुनाव के कारण सुरक्षा कारणों से टूर्नामेंट भारत से दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट किया गया था। इसके आयोजन के लिए BCCI ने दक्षिण अफ्रीका में करीब 243.45 करोड़ रुपए भेजे थे। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोप लगाया कि यह रकम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पूर्व मंजूरी के बिना विदेश भेजी गई, जिससे विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) का उल्लंघन हुआ। ED ने 2011 में नोटिस जारी किया और 2018 में ललित मोदी समेत BCCI के कुछ पूर्व अधिकारियों पर जुर्माना लगाया था। ट्रिब्यूनल बोली- ललित व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार नहीं ललित मोदी ने कहा कि ट्रिब्यूनल ने ED की सबसे अहम दलील ही खारिज कर दी, जिससे पूरे मामले का आधार बदल गया। उनके मुताबिक अपीलीय ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा कि दक्षिण अफ्रीका भेजी गई रकम 'करंट अकाउंट ट्रांजैक्शन' थी, न कि 'कैपिटल अकाउंट ट्रांजैक्शन'। इसलिए इसके लिए RBI की पहले से मंजूरी लेना जरूरी नहीं था। ललित मोदी ने कहा, ट्रिब्यूनल ने यह भी माना कि वह BCCI की ओर से FEMA के तहत कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं थे और न ही उनके पास वह वित्तीय अधिकार थे, जिनका ED ने दावा किया था। इससे 2009 के दक्षिण अफ्रीका IPL से जुड़े सबसे बड़े कानूनी मामले का अंत हो गया। 2018 में लगा था 10.65 करोड़ रुपए का जुर्माना ED ने 2018 में ललित मोदी पर 10.65 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था। इसके बाद उन्होंने इस आदेश के खिलाफ अलग-अलग अपील दायर की थीं। अब 16 जुलाई के फैसले में ट्रिब्यूनल ने उन आदेशों में बड़ा बदलाव करते हुए ललित मोदी समेत कई पक्षों को राहत दे दी। ट्रिब्यूनल के इस फैसले से 2010 में भारत छोड़ने के बाद ललित मोदी के सामने मौजूद सबसे बड़ी कानूनी बाधाओं में से एक खत्म हो गई है। हालांकि यह फैसला सिर्फ IPL 2009 के FEMA मामले तक सीमित है। ED ने ललित मोदी के खिलाफ कई दूसरी जांचें भी शुरू की थीं। ललित मोदी से जुड़े अन्य मामले 1. IPL ब्रॉडकास्ट राइट्स मामला जब 2008 में IPL शुरू हुआ, तब टीवी पर मैच दिखाने के अधिकार (ब्रॉडकास्ट राइट्स) वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप (WSG) को दिए गए थे। WSG ने भारत में मैच दिखाने के अधिकार सोनी को दिए। 2009 में IPL के दूसरे सीजन से ठीक पहले ललित मोदी ने सोनी से करार रद्द कर दिया और बिना दोबारा टेंडर निकाले दोबारा WSG के साथ समझौता कर लिया। ED ने आरोप लगाया कि IPL के मीडिया और ब्रॉडकास्ट अधिकार देने की प्रक्रिया में FEMA और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े नियमों का उल्लंघन हुआ। इसमें WSG को 425 करोड़ रुपए का फायदा पहुंचाया गया। इस मामले में बाद में विशेष अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया था। इस मामले में ललित मोदी को अभी कोई अंतिम कानूनी राहत नहीं मिली है। 2. BCCI की अनुशासनात्मक कार्रवाई 2010 में IPL से जुड़े कई विवाद सामने आने के बाद BCCI ने ललित मोदी को सस्पेंड कर दिया और उनके खिलाफ आंतरिक जांच शुरू की। जांच में BCCI ने आरोप लगाया कि ललित मोदी ने IPL चलाने के दौरान कई मामलों में नियमों का पालन नहीं किया। इनमें ब्रॉडकास्ट राइट्स, टीमों की बोली, टेंडर प्रक्रिया और वित्तीय फैसलों से जुड़े आरोप शामिल थे। करीब तीन साल तक जांच और सुनवाई चलने के बाद 2013 में BCCI की अनुशासन समिति ने ललित मोदी को सभी क्रिकेट गतिविधियों से आजीवन प्रतिबंधित कर दिया। लंदन के सबसे महंगे इलाके में रह रहे ललित मोदी ललित मोदी 2010 से लंदन में रह रहे हैं। उनके साथ उनकी पत्नी मीनल मोदी और दोनों बच्चे आलिया और रुचिर भी थे। मीनल मोदी का 2018 में कैंसर से निधन हो गया। ललित मोदी का घर लंदन के बेलग्राविया-चेल्सी इलाके में है, जो शहर के सबसे महंगे इलाकों में गिना जाता है। यह इलाका विदेशी दूतावासों, लग्जरी ब्रांड्स और करोड़ों-करोड़ रुपये की संपत्तियों के लिए मशहूर है। ललित मोदी का जन्म दिल्ली के एक बड़े कारोबारी परिवार में हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी अनुमानित कुल संपत्ति 57 करोड़ डॉलर (करीब 4,555 करोड़ रुपए) है। वह अपने परिवार की कंपनी मोदी एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष (प्रेसिडेंट) और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। इस कंपनी की स्थापना उनके दादा गुजर मल मोदी ने 1933 में की थी। मोदी एंटरप्राइजेज का कारोबार कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। इनमें फैशन, रसायन (केमिकल), हेल्थकेयर, रिटेल, सैलून, ट्रैवल, पर्सनल केयर, मनोरंजन और एफएमसीजी (रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान) शामिल हैं। समूह के प्रमुख ब्रांडों में केके मोदी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, मोदीकेयर, बीकन ट्रैवल्स, कलरबार, पान विलास पान मसाला, ईगो इटालियन रेस्तरां और गॉडफ्रे फिलिप्स शामिल हैं। ———————————-
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ललित मोदी 16 साल बाद भारत लौटेंगे:ED का जुर्माना रद्द; IPL का पैसा विदेश भेजने का केस; बोले- मैं लीग की भलाई चाहता था
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