छात्रों के समर्थन में पिछले 25 दिनों से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती है, जहां उनका इलाज जारी है। बुधवार की शाम करीब साढ़े छह बजे आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के साथ वांगचुक से मिलने आम आदमी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा और समाजवादी पार्टी के 15 विपक्षी सांसद मेदांता पहुंच गए। मगर, पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया। इसे लेकर संजय सिंह की पुलिस से बहस भी हुई। अंदर न जाने देने पर सभी सांसद अस्पताल के गेट पर ही धरना देकर बैठ गए हैं। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि भी सांसदों के पास पहुंचीं। कहा कि सोनम ने सरकार को चिट्टी लिखी है, जिसमें शर्तें और मांगें बताई गई। सरकार को ये मांग मान लेनी चाहिए। करीब एक घंटे तक यहां हंगामा चला। इसके बाद सोनम की निगरानी कर रही मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और उनकी हेल्थ अपडेट दी। मेडिकल कारणों का हवाला देते हुए केवल ब्लड रिलेशन वालों को ही मिलने की परमिशन की बात कही। इसके बाद सांसद वहां से चले गए। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार वांगचुक को अनशन तोड़ने नहीं देना चाहती, उन्हें मारना चाहती है। उधर, इससे पहले सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को चिट्ठी लिखी। इसमें अपनी मांगे और अनशन तोड़ने की शर्तें बताईं। देर शाम सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी जारी की, जिसमें कहा कि मैं अभी जिंदा हूं। 25 दिन से अनशन पर हूं, मेरा 11 किलोग्राम वजन घट गया है। उन्होंने सरकार से चिट्ठी में लिखी बातों को मानने पर अनशन तोड़ने की बात कही। सोनम वांगचुक ने सरकार को लिखी चिट्ठी में रखीं ये शर्तें… उधर, वांगचुक ने चिट्ठी में सबसे पहले सरकार की ओर से पहल करने का आभार जताया। तीन मांगे रखीं, जिसमें परीक्षा पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा और जवाबदेही तय करने के लिए संसद में सार्थक चर्चा हो। चिट्टी में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार करना भी शामिल है। सबसे खास यह कि वांगचुक ने अनशन खत्म करने की शर्त बताते हुए लिखा- 20 जुलाई 2026 को हुआ 'चलो संसद' मार्च पुलिस की कार्रवाई के बावजूद शांतिपूर्ण रहा। प्रदर्शनकारियों पर कोई कानूनी केस या उत्पीड़न जैसी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, इस आश्वासन के बाद वे अनशन खत्म कर देंगे सोनम वांगचुक की ओर से लिखी की चिट्टी की कॉपी… मेदांता अस्पताल की ओर से सोनम वांगचुक का हेल्थ बुलेटिन जारी सोनम वांगचुक को 21 जुलाई की शाम हरियाणा के गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती किया गया। बुधवार शाम मेदांता अस्पताल प्रबंधन की ओर से उनका हेल्थ बुलेटिन जारी किया गया। इसमें बताया कि गया वांगचुक को आईसीयू में रखा गया है। उनका इलाज मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम के कई विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कर रही है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है और वे पूरी तरह होश में हैं। उनके सभी Vital Signs (ब्लड प्रेशर, नाड़ी, ऑक्सीजन, आदि) सामान्य स्तर पर हैं। उन्हें जो भी इलाज दिया जा रहा है, वह उनकी सहमति से किया जा रहा है। पुलिस को चकमा देकर दो सपा नेताओं ने मेदांता में दिया धरना उधर, दोपहर को पुलिस सुरखा को चकमा देकर समाजवादी पार्टी के दो नेता मेदांता अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए। दोनों हाथों में बैनर और तख्ती लिए थे। इनमें एक कामेश्वर उर्फ किशन दीक्षित है, जिसने 2022 में प्रधानमंत्री मोदी के खास प्रत्याशी नीलकंठ तिवारी के खिलाफ साउथ वाराणसी से विधानसभा चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में तिवारी की जीत हुई थी। इसकी सूचना मिलते ही गुरुग्राम सदर पुलिस एक्टिव हुई और तुरंत ही कई टीमें अस्पताल पहुंची। मगर, इससे पहले ही प्रोटेस्ट कर रहे दोनों सपा नेता अपने बैनर लेकर वहां से खिसक लिए। मेदांता हॉस्पिटल के बाहर की तस्वीरें… गुरुग्राम में कांग्रेस नेताओं को किया गया हाउस अरेस्ट सोनम वांगचुक के गुरुग्राम शिफ्ट होने का असर स्थानीय राजनीति पर भी दिखने लगा है। वांगचुक के समर्थन में कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन या उनसे मुलाकात की आशंका को देखते हुए पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई की। कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर समेत 10 से अधिक वरिष्ठ नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया। पुलिस ने इन सभी नेताओं को लिखित नोटिस जारी कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मेदांता हॉस्पिटल की ओर मार्च या प्रदर्शन नहीं करने की सख्त हिदायत दी है। मेदांता अस्पताल से अपडेट्स जानने के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं…

गुरुग्राम-वांगचुक से मिलने पहुंचे 15 सांसदों को पुलिस ने रोका:मेडिकल टीम से हेल्थ अपडेट लेकर लौटे; सोनम ने VIDEO जारी कर अनशन तोड़ने की शर्त बताई
छात्रों के समर्थन में पिछले 25 दिनों से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती है, […]